बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की टहनियों की छंटाई के दौरान सोमवार को बेगूसराय पावर हाउस परिसर में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट ने देखते ही देखते भीषण आग का रूप ले लिया। तेज चिंगारी और धमाके के बाद पावर ट्रांसफार्मर से उठी आग की लपटों ने कुछ ही देर में स्विचयार्ड को भी अपनी चपेट में ले लिया। पावर हाउस परिसर से उठते काले धुएं और आग की ऊंची लपटों को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
शॉर्ट सर्किट के बाद मची अफरा-तफरी
दमकल की गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बिजली विभाग के कर्मियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया गया। पावर हाउस के हाई वोल्टेज उपकरणों के बीच लगी आग को नियंत्रित करना आसान नहीं था। अग्निशमन कर्मियों ने काफी सावधानी और मशक्कत के बाद आग की लपटों पर काबू पाया। हालांकि, तब तक पावर ट्रांसफार्मर का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।
बरौनी-2 फीडर का ट्रांसफार्मर और स्विचयार्ड क्षतिग्रस्त
पूरी विद्युत व्यवस्था बहाल करने में जुटी टीम
घटना के बाद बिजली विभाग की तकनीकी टीम ने क्षतिग्रस्त उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञ ट्रांसफार्मर, ब्रेकर और स्विचयार्ड को हुए नुकसान का आकलन कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त उपकरणों को सुरक्षित करने के साथ जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था को सामान्य करना है। फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है और पूरी बिजली आपूर्ति कब तक बहाल होगी, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की टहनियों की छंटाई जैसे नियमित रखरखाव कार्य के दौरान पावर हाउस में इस तरह आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की तकनीकी वजह और नुकसान का वास्तविक आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।