खगड़िया मेडिकल कॉलेज को मिली 50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति
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खगड़िया जिले के इतिहास में रविवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। लंबे संघर्ष और जनसहयोग से बने श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से 50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति मिल गई है। इस फैसले से अब खगड़िया और आसपास के जिलों के लोगों को इलाज के लिए पटना, भागलपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
ट्रस्ट की जमीन पर बना मेडिकल कॉलेज
यह मेडिकल कॉलेज महादानी श्यामलाल जी द्वारा स्थापित ट्रस्ट की जमीन पर बनाया गया है। मुंगेर प्रमंडल का यह पहला मेडिकल कॉलेज है, जिसने कई उतार चढ़ाव और संघर्षों के बाद आज मंजिल हासिल की। प्रेस वार्ता में धर्मेंद्र ने कॉलेज और अस्पताल के निर्माण में योगदान देने वाले सैकड़ों लोगों का नाम गिनाया। इस अवसर पर शुरुआत से साथ रहे विवेक उमरांव और पी.सी. घोष भी मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी अमरीष कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह उपलब्धि खगड़िया की जनता की जीत है। यह सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज नहीं, बल्कि जनसहयोग से बनी स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत है।
अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
इस कॉलेज के शुरू होने से सबसे बड़ी राहत यह होगी कि गंभीर बीमारियों और जटिल उपचार के लिए मरीजों को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। गरीब से गरीब व्यक्ति को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।
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दूरदर्शिता और संघर्ष का नतीजा
डॉ. विवेकानंद की दूरगामी सोच, दृढ़ निश्चय, सामाजिक व पारिवारिक एकता और ट्रस्ट शिप सिद्धांत के बल पर यह सपना साकार हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कदम खगड़िया को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।