बेगूसराय सदर अस्पताल में फर्श पर लेटी धायल महिला
बिहार के बेगूसराय सदर अस्पताल में घायल महिला को समय पर इलाज नहीं मिलने के आरोप ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ससुराल में पिटाई के कारण घायल हुई दो मासूम बच्चों की मां सीता देवी दर्द से कराहती हुई अस्पताल में उपचार के लिए गुहार लगाती रही। आरोप है कि इसके बावजूद उसे समय पर समुचित इलाज नहीं मिला और वह फर्श पर पड़ी रही। परिजनों का दावा है कि मीडिया के अस्पताल पहुंचने के बाद कर्मी सक्रिय हुए और इमरजेंसी में दोबारा उपचार शुरू किया गया। हालांकि, घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
ससुराल में पिटाई से घायल होने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, सीता देवी बखरी निवासी मंगल साह की पुत्री हैं। वर्ष 2023 में उनकी शादी बेगूसराय जिले के बथौली निवासी रौशन कुमार से हुई थी। आरोप है कि ससुराल में उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गईं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल लाया गया।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने के बाद भी सीता देवी को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। वह दर्द से कराहती रहीं और इलाज के लिए गुहार लगाती रहीं। महिला की हालत देखकर परिजन भी परेशान रहे।
सदर अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल
सदर अस्पताल जैसे प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में आपातकालीन सेवा का उद्देश्य घायल और गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में घायल महिला के फर्श पर पड़े रहने और समय पर इलाज नहीं मिलने के आरोप ने इमरजेंसी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि महिला को वास्तव में समय पर उपचार नहीं मिला, तो यह गंभीर मामला है। ऐसी स्थिति में यह जांच जरूरी है कि अस्पताल पहुंचने के बाद महिला की चिकित्सकीय जांच कब हुई, उपचार शुरू करने में देरी क्यों हुई और उस समय इमरजेंसी में तैनात कर्मियों ने क्या कार्रवाई की।
मीडिया के पहुंचने के बाद इलाज शुरू होने का दावा
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि मीडिया के अस्पताल पहुंचने के बाद ही स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय हुए और इमरजेंसी में दोबारा उपचार शुरू किया गया। परिजनों के इस दावे ने अस्पताल की निगरानी व्यवस्था और मरीजों के प्रति कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि महिला को अस्पताल में किस समय भर्ती किया गया, उनकी स्थिति का आकलन कब हुआ और उपचार में कथित देरी के लिए कौन जिम्मेदार था।
दो मासूम बच्चों की मां है घायल महिला
सीता देवी दो मासूम बच्चों की मां हैं। ऐसे में उनके साथ हुई कथित मारपीट और अस्पताल में इलाज को लेकर सामने आए आरोप मामले को और संवेदनशील बनाते हैं। फिलहाल प्राथमिकता महिला को समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।