सदर अस्पताल में वैक्सीन लगाते चिकित्सक
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शेखपुरा सदर अस्पताल में अब गर्भवती महिलाओं और एनीमिया से पीड़ित मरीजों को बेहतर और जल्दी इलाज मिल सकेगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यहां FCM थेरेपी की शुरुआत की। इस सुविधा के शुरू होते ही पहले दिन 25 गर्भवती महिलाओं को थेरेपी देकर लाभ दिया गया। इस कार्यक्रम की अगुवाई एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने की। इस मौके पर अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
एसीएमओ ने कहा कि यह थेरेपी गर्भवती महिलाओं और एनीमिया मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि इससे मां और बच्चे की मौत के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। फिलहाल यह सुविधा सदर अस्पताल में शुरू की गई है। आने वाले समय में इसे जिले के सभी पीएचसी तक पहुंचाने की योजना है।
क्या है FCM थेरेपी
डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और एनीमिया मरीजों में अक्सर हीमोग्लोबिन का स्तर काफी कम हो जाता है। पहले इसके इलाज के लिए आयरन की गोलियां दी जाती थीं, लेकिन वे हमेशा असरदार नहीं होती थीं। अब उनकी जगह फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज नाम की दवा स्लाइन के जरिए 20 से 25 मिनट में दी जाती है, जिसे FCM थेरेपी कहा जाता है।
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ब्लड चढ़ाने का बेहतर विकल्प
डॉक्टरों के अनुसार, यह थेरेपी ब्लड चढ़ाने का एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। पहले जिन मरीजों का हीमोग्लोबिन 6 से नीचे चला जाता था, उन्हें ब्लड चढ़ाना पड़ता था। अब इस थेरेपी के जरिए हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाकर करीब 9 तक लाया जा सकता है। बाजार में इस थेरेपी की कीमत करीब 4000 रुपये है, लेकिन शेखपुरा सदर अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी। फिलहाल जिले को इस थेरेपी की 1000 डोज उपलब्ध कराई गई हैं।