सार
मुजफ्फरपुर के औराई विधानसभा क्षेत्र की बहू कंचन शाही ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में 108 कन्याओं के पूजन कार्यक्रम में अपनी बेटियों और परिवार के साथ भाग लिया। आयोजन में भारतीय संस्कृति, परंपरा और बिहार की सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखी।
बेगूसराय जिले के बखरी थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघड़ा पंचायत में मंगलवार को बिजली के करंट की चपेट में आने से एक 26 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान घाघड़ा गांव के वार्ड संख्या 10 निवासी सिकंदर तांती की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, नवरात्र के पावन अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल गम और मातम में बदल गया। इस हृदयविदारक घटना से स्थानीय ग्रामीण भी स्तब्ध हैं।
पूजा कर घर लौटी थी प्रियंका
मिली जानकारी के अनुसार, प्रियंका कुमारी मंगलवार की सुबह वैष्णवी दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थी। नवरात्र के अवसर पर माता के दर्शन और पूजा के बाद वह अपने घर लौट आई। इसके कुछ देर बाद वह घर के पास स्थित चापाकल पर पानी लेने पहुंची। इसी दौरान वहां 440 वोल्ट का बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था। अनजाने में प्रियंका का पैर टूटे हुए बिजली के तार के संपर्क में आ गया, जिससे वह करंट की चपेट में आ गई।
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हादसा इतना अचानक हुआ कि महिला को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। महिला के करंट की चपेट में आने की खबर फैलते ही गांव में अफरातफरी मच गई। हालांकि, घटना के बाद की चिकित्सकीय कार्रवाई और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
प्रियंका की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ और त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक मातम छा गया। गांव के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं। कम उम्र में महिला की मौत से ग्रामीणों के बीच शोक का माहौल है।
बिजली के टूटे तारों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और खुले में टूटकर गिरने वाले बिजली के तारों से होने वाले खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तारों की नियमित जांच और टूटे तारों को तत्काल दुरुस्त करना बेहद जरूरी है। 440 वोल्ट जैसे विद्युत प्रवाह वाले तार के संपर्क में आने से जानलेवा हादसा हो सकता है। ऐसे में बिजली विभाग को संभावित खतरनाक स्थानों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।