बेगूसराय से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। जहां ग्रामीणों ने डीएम साहब को बंधक बना लिया है। इसके बाद पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है। घटना स्थल पर सात थाने की पुलिस मौजूद है और लोगों को समझाने में लगी हुई है। इसके बाद कुछ लोग प्रसाशन की बात मान रहे हैं। लेकिन औसतन लोग उनकी बात मानने से इंकार कर रहे हैं। इस तरह की अभी तक सूचना मिल रही है।
दरअसल, बेगूसराय के अपना आशियाना हटाए जाने से नाराज लोग जमकर बवाल कर रहे हैं। इनका कहना है कि यदि इनका आशियाना हटाना है तो फिर पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए, उसके बाद ही कुछ किया जा सकेगा। लिहाजा आशियाने की मांग को लेकर झुग्गी झोपड़ी के लोगों ने डीएम तुषार सिंगल को बंधक बना लिया। इसके बाद बेगूसराय जिले के आधा दर्जन थाना सहित सभी पुलिसकर्मी डीएम को छुड़ाने के लिए पहुंचे हैं। हालांकि, झुग्गी झोपड़ी के गरीब मजदूर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और डीएम तुषार सिंगल को अभी भी बंधक बन हुए हैं।
बताया जा रहा है कि डीएम साहब पुस्तकालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उसी दौरान उनको बंधक बनाया गया है। इधर, बेगूसराय के एसपी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। साथ ही सात थानों की पुलिस भी घटना स्थल पर मौजूद है। लोगों को समझाने की कोशिश की जा रही है। पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दिल हो गया है। बता दें, अतिक्रमण को लेकर के झुग्गी झोपड़ी के लोगों ने बेगूसराय संग्रहालय के पास डीएम का पहले तो घेराव किया। इसके बाद बंधक बना लिया है। लोग करीब दो घंटा भर से डीएम के सामने अपनी मांग रख रहे हैं। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद पुलिस प्रशासन के द्वारा भीड़ को हटाया गया। उसके बाद डीएम के गाड़ी को वहां से निकाल कर रवाना किया गया।
मौके पर मौजूद सदर एसडीएम राजीव कुमार, मुख्यालय डीएसपी रमेश प्रसाद सिंह,सदर डीएसपी सुबोध कुमार, नगर थाना अध्यक्ष अरुण कुमार, लोहिया नगर थाना अध्यक्ष जितेंद्र राम सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। आपको बताते चलें कि लोहिया नगर रेलवे लाइन किनारे हजारों की संख्या में घर बनाकर महादलित परिवार रह रहे थे और जिला प्रशासन और रेल प्रशासन के द्वारा रेलवे लाइन किनारे बसे महादलित परिवार को हटाने का नोटिस दिया था। नोटिस के बाद आज जिला प्रशासन और रेल प्रशासन के द्वारा झुग्गी झोपड़ी में बसे महादलित परिवारों को घर को उजाड़ने के लिए पहुंचे थे। तभी लोगों ने जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि हंगामा देख सभी पुलिस पदाधिकारी बिना घर उजड़े हुए लौटना पड़ा।
लोगों ने बताया है कि कई वर्षों से बसे हुए हैं। उन्होंने बताया है कि जब वोट का समय आता है तो सभी लोग वोट मांगने के लिए आते हैं लेकिन गरीब को बसाने की वजह गुजरने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि गरीबों के साथ नाइंसाफी हो रही है। हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग करते हैं कि जितने भी महादलित परिवार रेलवे लाइन किनारे बसे हुए हैं उनका घर दिया जाए तभी यहां से हटाया जाए। अगर हम लोगों का मांग नहीं पूरी होगी तब तक हम लोग इसी जगह बसे रहेंगे जिससे मेरी जान क्यों ना चला जाए।