Bihar: पुल के निर्माण में हुई अनियमितताओं को लेकर लोगों में आक्रोश है। सवाल यह है कि जब करोड़ों की लागत से बना नया पुल कुछ ही समय में ध्वस्त हो सकता है, तो मरम्मत के बाद कितनी गारंटी है कि यह फिर से सुरक्षित रहेगा?
गंडक नदी पर बना नया पुल भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। करीब 15.5 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल वर्ष 2019 में तैयार हुआ था, लेकिन सिर्फ दो माह के अंदर ही इसके पाया संख्या 3 और 4 के बीच धंसाव आ गया, जिससे पुल को परिचालन से बाहर कर दिया गया। अब 7 वर्ष बीतने के बाद भी यह पुल जनता को सुविधा नहीं दे सका है।
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पुराने पुल पर ही निर्भर है यातायात, रोजाना लग रहा जाम
पुल के बंद होने के कारण अब भी वाहन चालकों को पुराने पुल से ही आवाजाही करनी पड़ रही है। यह पुल अब जर्जर हो चुका है, जिस पर ट्रैफिक का दबाव अधिक रहने से रोजाना घंटों जाम लगता है। स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुल निर्माण का ठेका पुंज लॉयड कंपनी को दिया गया था। गुणवत्ता में लापरवाही के चलते पुल चालू होने के कुछ ही दिनों में धंस गया। मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन पुल के मध्य हिस्से में अब भी क्षतिग्रस्त स्थान साफ दिखाई दे रहे हैं। एनएचएआई ने पुल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया था, लेकिन कई महीनों की मरम्मत के बावजूद अब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है।
सितंबर से चालू हो सकता है परिचालन
एनएच 31 पर बना यह नया पुल अब सितंबर 2025 से चालू किए जाने की संभावना है। फिलहाल मरम्मत का काम कछुआ गति से जारी है। इस बारे में जानकारी लेने के लिए एनएचएआई बेगूसराय रेंज के कार्यपालक अभियंता से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। पुल के निर्माण में हुई अनियमितताओं को लेकर लोगों में आक्रोश है। सवाल यह है कि जब करोड़ों की लागत से बना नया पुल कुछ ही समय में ध्वस्त हो सकता है, तो मरम्मत के बाद कितनी गारंटी है कि यह फिर से सुरक्षित रहेगा?