वार्डन रिंकू देवी की हत्या के बहुचर्चित मामले का खुलासा विशेष जांच दल (एसआईटी) ने किया
- फोटो : Amar Ujala
बेगूसराय में चार अप्रैल 2021 को वीरपुर के मुजफ्फरा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन रिंकू देवी की हत्या के बहुचर्चित मामले का खुलासा विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कर दिया है। जांच के बाद पुलिस ने असुरारी निवासी कौशल कुमार और विद्यालय के आदेशपाल अजीत कुमार उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। दोनों पर हत्या के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का आरोप है।
दोबारा जांच की जिम्मेदारी एसआईटी को सौंपी गई
बुधवार को एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विशेष जांच दल के मुख्य अनुसंधानकर्ता सह गया आईजी विकास वैभव ने बताया कि घटना के बाद प्रारंभिक पुलिस जांच में इसे आत्महत्या मानकर मामला बंद कर दिया गया था। हालांकि, मृतका की पुत्री तेजस्विनी द्वारा उच्च न्यायालय में गुहार लगाए जाने पर जांच में विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर मामले की दोबारा जांच की जिम्मेदारी एसआईटी को सौंपी गई। आईजी ने बताया कि 13 जुलाई से नई जांच शुरू की गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ एफएसएल टीम के सदस्यों, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक तथा अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि रिंकू देवी की मौत फंदे से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई थी। इसके बाद शव को आत्महत्या दर्शाने के उद्देश्य से फंदे से लटका दिया गया था।
जांच के दौरान मिले रुपये के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य
जांच में यह भी सामने आया कि मृतका की पुत्री तेजस्विनी ने आरोपित कौशल कुमार को भूमि निबंधन के नाम पर 15 लाख रुपये दिए थे। जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने पर गांव में पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें चार अप्रैल को ही रुपये लौटाने की बात तय हुई थी। इसी दिन रिंकू देवी की हत्या कर दी गई। जांच के दौरान रुपये के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।
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वहीं, आदेशपाल अजीत कुमार उर्फ बबलू की घटना के दौरान मौजूदगी और भूमिका भी सामने आई है। आईजी विकास वैभव ने बताया कि मामले के वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इस विशेष जांच दल में बेगूसराय रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रेस वार्ता में एसपी मनीष कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। मृतका की पुत्री तेजस्विनी ने न्यायालय और एसआईटी की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए जांच दल का आभार व्यक्त किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।