लखीसराय जिले में श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम के समीप सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। अशोक धाम हाल्ट पर दोनों दिशाओं से एक साथ पैसेंजर ट्रेनें पहुंचीं। ट्रेन से उतरने के बाद कुछ युवक श्रद्धालु लाइन में खड़े होने के लिए तेजी से दौड़ने लगे। उन्हें देखकर अन्य श्रद्धालुओं में भी अफरातफरी मच गई। भीड़ का दबाव बढ़ने से रास्ते में लगी बांस की बैरिकेडिंग टूट गई। इसी दौरान बिजली का एक पोल भी गिर गया।
पोल गिरते ही फैली करंट की अफवाह
बिजली का पोल गिरने के साथ ही मौके पर करंट फैलने की बात तेजी से फैल गई। अफवाह से श्रद्धालुओं में दहशत बढ़ गई और लोग सुरक्षित निकलने के लिए भागने लगे। पोल गिरने की जगह से करीब 50 मीटर दूर भगदड़ मच गई। कई लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए। भीड़ के नीचे दबने और दम घुटने से सात महिला श्रद्धालुओं की मौके पर मौत हो गई।
सात महिलाओं की मौत से सात परिवारों में पसरा मातम
मृतकों की पहचान मनमाला देवी (44), रिंकू देवी (50), हेमलता देवी (55), ललिता देवी (50), सविता कुमारी (35), सरोज देवी (65) और सावित्री देवी (49) के रूप में हुई है। मृतक लखीसराय, मुंगेर और पटना जिले की रहने वाली थीं। प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को गैर-प्राकृतिक आपदा के तहत सामूहिक दुर्घटना मद में चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया है।
25 घायल, तीन की हालत गंभीर; पीएमसीएच रेफर
भगदड़ में घायल 25 श्रद्धालुओं को सदर अस्पताल, लखीसराय पहुंचाया गया। इनमें विमला देवी, रीना कुमारी और सविता देवी की हालत गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया। अन्य 22 घायलों का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
'करंट से नहीं हुई किसी की मौत'
हादसे के बाद 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से करंट लगने के कारण मौत की सूचना फैल गई। डीएम शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी श्रद्धालु की मौत करंट लगने से नहीं हुई। प्रशासन के अनुसार घटना के समय बिजली आपूर्ति बंद थी और तार कवर किया हुआ था। पोल गिरने के बाद फैली अफवाह के कारण भगदड़ की स्थिति बनी।
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मंत्री ने अस्पताल और घटनास्थल का लिया जायजा
स्थानीय विधायक सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा सदर अस्पताल पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से इलाज की जानकारी ली। इसके बाद घटनास्थल पहुंचकर राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हादसे की गंभीरता से जांच होगी और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तीन सदस्यीय टीम करेगी हादसे की जांच
जिला प्रशासन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम दोनों दिशाओं से ट्रेनों के एक साथ पहुंचने, भीड़ बढ़ने, बैरिकेडिंग और बिजली का पोल गिरने तथा करंट की अफवाह फैलने की पूरी कड़ी की जांच करेगी। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।