आवासीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ.राजीव रंजन ने दिया इस्तीफा
- फोटो : Amar Ujala
बिहार के जमुई जिले में स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय जिसे टॉपर्स के गढ़ के नाम से जाना जाता है, वहां एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 31 मार्च 2026 को वे आधिकारिक रूप से पदमुक्त हो जाएंगे। इस खबर के बाद शैक्षणिक जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
उपेक्षा बनी इस्तीफे की वजह
सूत्रों के मुताबिक डॉ. राजीव रंजन ने विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय की कमी और उपेक्षा से आहत होकर यह कठिन फैसला लिया। उनके इस्तीफे को विद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यकाल में हासिल की उपलब्धियां
डॉ. राजीव रंजन का कार्यकाल भले ही चुनौतियों से भरा रहा लेकिन उपलब्धियों के मामले में भी कम नहीं रहा। सीमित संसाधनों और प्रशासनिक दबावों के बावजूद उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता को कभी गिरने नहीं दिया। उनके नेतृत्व में विद्यालय ने हर कठिन परिस्थिति का डटकर सामना किया।
छात्रों के नाम दिया खास संदेश
इस्तीफे से पहले डॉ. रंजन ने छात्रों के नाम एक खास संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सिमुलतला के छात्र पढ़ाई ही नहीं बल्कि जीवन के हर मोर्चे पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
ये भी पढ़ें-
Petrol-Diesel Crisis: पेट्रोल-डीजल के लिए लगी लंबी लाइनें: दरभंगा में फैली अफवाह, DM बोले- पैनिक न करें
मैट्रिक परीक्षा में रहा शानदार प्रदर्शन
खास बात यह है कि इस बार बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 में सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जबरदस्त वापसी की। विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी ने पूरे राज्य में शीर्ष स्थान हासिल कर संस्थान को नई पहचान दिलाई। ऐसी शानदार उपलब्धि के ठीक बाद प्राचार्य का इस्तीफा विद्यालय के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संस्थान को नया प्राचार्य कब मिलेगा और वह इस प्रतिष्ठित विद्यालय की शैक्षणिक गरिमा और गौरव को किस तरह आगे बढ़ाएगा।