जमुई जिले में बुधवार को जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। दोपहर एक बजे से शुरू हुए इस अभियान को जिले के सभी 10 प्रखंडों में एक साथ संचालित किया गया। इसमें जमुई मुख्यालय के साथ बरहट, लक्ष्मीपुर, सिकंदरा, झाझा, चकाई, सोनो, अलीगंज, खैरा और गिद्धौर शामिल रहे। अचानक हुई इस व्यापक कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
मुख्य बाजार में हटे अवैध कब्जे
जिला मुख्यालय में अभियान की शुरुआत कचहरी चौक से हुई, जो महाराजगंज रोड होते हुए सब्जी मंडी तक चली। मुख्य बाजार क्षेत्र में सड़क, फुटपाथ और सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जों को हटाया गया। प्रशासन ने इस दौरान साफ संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के निर्देश पर चला अभियान
यह अभियान जिलाधिकारी नवीन के निर्देश पर चलाया गया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार के नेतृत्व में अंचल अधिकारी ललिता देवी, सिटी मैनेजर, नगर परिषद की टीम और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहे। प्रशासन ने जेसीबी और बुलडोजर की मदद से वर्षों से बने अस्थायी ढांचों को हटाया।
कहीं तीखी नोकझोंक, फिर भी कार्रवाई जारी
अभियान के दौरान कई स्थानों पर दुकानदारों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन प्रशासन ने किसी दबाव में आए बिना कार्रवाई जारी रखी। मुख्य सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर बने अस्थायी निर्माण कुछ ही घंटों में हटा दिए गए।
पहले से दी गई थी सूचना
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई थी। एक सप्ताह पहले से ही शहर और प्रखंड क्षेत्रों में माइक के माध्यम से लोगों को सूचित किया जा रहा था कि वे अपने अवैध कब्जे स्वयं हटा लें। इस सूचना के बाद कई व्यापारियों ने समय रहते अपनी दुकानें और ठेले हटा लिए थे।
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छोटे दुकानदारों की उम्मीदें और मांग
अभियान के दौरान ठेला, खोमचा और झोपड़ी बनाकर दुकान चलाने वाले कई छोटे दुकानदारों ने प्रशासन की कार्रवाई को आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने यह मांग भी रखी कि उनके लिए सुरक्षित स्थानों पर वेंडर जोन बनाए जाएं, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो। इस पर जिलाधिकारी ने पहले ही उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही थी।
प्रशासन की कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ चले इस अभियान ने लोगों का ध्यान खींचा। मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था को सुचारु करने और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि इसका असर लंबे समय तक देखने को मिलेगा।