बूढ़ी गंडक बांध पर बनेगा 35 किमी लंबा बाईपास
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बेगूसराय जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और एनएच-28 से जुड़े शहरों की कनेक्टिविटी को और बेहतर करने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। एसएच-55 पर बढ़ते ट्रैफिक लोड और बार-बार लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए बूढ़ी गंडक नदी के बांध पर 35 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा, जो एसएच-55 के पैरेलल चलेगा।
यह वैकल्पिक मार्ग फफौत से मंझौल के सिउरी तक जाएगा। पांच मीटर चौड़ी इस सड़क का कालीकरण (पक्कीकरण) करने की मांग स्थानीय स्तर पर काफी समय से उठ रही थी। अब इस दिशा में प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है।
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फेज-1 में हो चुका है काम, अब फेज-2 के लिए बढ़ा प्रस्ताव
इस परियोजना के पहले चरण में रोसड़ा से फफौत तक के हिस्से का कालीकरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब फेज-2 के तहत फफौत से सिउरी तक के शेष हिस्से को भी पक्की सड़क में तब्दील करने की मांग ने जोर पकड़ा है। इस संबंध में बेगूसराय के जिलाधिकारी तुषार सिंगला ने जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में आग्रह किया गया है कि बांध सड़क के कालीकरण से जहां एक ओर सड़क मार्ग सुलभ होगा, वहीं दूसरी ओर बांध की मजबूती भी बढ़ेगी, जिससे बाढ़ या अन्य आपदाओं से सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
बाईपास से मिलेगी जाम से राहत
एसएच-55 मार्ग पर रोजाना भारी ट्रैफिक देखा जाता है, जिससे बेगूसराय से रोसड़ा, मंझौल या अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को जाम की परेशानी का सामना करना पड़ता है। बूढ़ी गंडक नदी के किनारे यह नया बाईपास खासकर दुपहिया, तिपहिया, साइकिल और छोटे वाहनों के लिए बेहद लाभकारी होगा। यह वैकल्पिक मार्ग सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों के लिए भी अहम साबित हो सकता है।
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स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता की पुरानी मांग
इस मार्ग के कालीकरण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों ने कई बार आवाज बुलंद की थी कि यह मार्ग न सिर्फ आवागमन को सहज बनाएगा, बल्कि बांध की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है।