भगत सिंह चौक स्थित एक निजी विवाह भवन में गुरुवार को राष्ट्रीय छात्र राजद की समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य रूप से राजद के राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज झा और छात्र राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नवल किशोर शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र राजद के विश्वविद्यालय अध्यक्ष श्रवण कुमार ने की।
सभा को संबोधित करते हुए प्रो. मनोज झा ने कहा कि छात्र केवल वोटर नहीं, बल्कि देश की राजनीति की दिशा तय करने वाला भी होता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे सोशल मीडिया और रील्स छोड़कर प्रतिदिन कम से कम दो किताबें पढ़ें।
प्रो. झा ने कहा कि स्कूल और कॉलेज राजनीति की प्रयोगशाला हैं। अगर छात्र राजनीति को हटा दिया गया, तो देश की राजनीति सूख जाएगी। लेकिन मौजूदा सरकार को सवाल पूछने वाला छात्र नहीं चाहिए। जो छात्र सवाल नहीं करता, वह असली छात्र ही नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से अब तक देश के विश्वविद्यालयों में आग लगाई जा रही है। बीजेपी की राजनीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि “राजा तेरे सुबह की जय, राजा तेरे शाम की जय” की रवायत खत्म करने के लिए छात्रों को आगे आना होगा। असम बीजेपी के ट्वीट का जिक्र करते हुए प्रो. झा ने कहा कि यह देश को फिर से लहूलुहान करने की साजिश है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को घुसपैठ का जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की।
बिहार की राजनीति पर बोलते हुए प्रो. झा ने दावा किया कि आने वाले समय में राज्य में तेजस्वी यादव की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर मामले पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला भी स्पष्ट है और इससे साफ है कि माहौल महागठबंधन के पक्ष में है।
राष्ट्रीय छात्र राजद की समन्वयक बैठक में छात्र नेता ने उठाई शिकायत, जांच और कार्रवाई की चेतावनी
मुंगेर मुख्यालय स्थित भगत सिंह चौक के एक निजी विवाह भवन में गुरुवार को राष्ट्रीय छात्र राजद की समन्वयक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज झा और छात्र राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नवल किशोर उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिलेभर से छात्र राजद कार्यकर्ताओं की अच्छी संख्या में उपस्थिति रही।
बैठक के समापन के दौरान मंच से छात्रों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। इसी क्रम में मुंगेर विश्वविद्यालय छात्र राजद के जिला उपाध्यक्ष ऋषभ कुमार ने सवाल उठाया कि बैठक की सूचना उन्हें और उनके साथियों को क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसी उपेक्षा कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का काम करती है।
ऋषभ की आपत्ति सुनकर राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मंच से कहा कि यदि इसमें किसी की भी भूमिका आपके प्रति नकारात्मक रही है तो मैं व्यक्तिगत रूप से आपसे माफी चाहता हूँ।
हालांकि, माफी मिलने के बावजूद छात्र नेता शांत नहीं हुए। उन्होंने मंच पर लगे माइक से अपने साथ लाए आवेदन को पढ़ना शुरू कर दिया। कई लोगों के विरोध के बावजूद उन्होंने लगातार अपनी बात रखी। ऋषभ कुमार ने साफ चेतावनी दी कि यदि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो सैकड़ों छात्र राजद कार्यकर्ता सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे।