खगड़िया लोकसभा क्षेत्र में एलजेपी के राजेश वर्मा को बड़ी जीत मिली है। उन्होंने संजय सिंह को बड़े अंतर से हराया है। बता दें कि एनडीए ने इस लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए जहां सोशल मीडिया कैंपेनिंग का भरपूर उपयोग किया, वहीं डर टू डोर पहुंचकर मतदाताओं से सीधा संपर्क बनाए रखा। नतीजन लोजपा को भारी बहुमत से जीत मिली।
नोटा रहा तीसरे स्थान पर
खगड़िया लोकसभा के छह विधानसभा में कुल 10 लाख 61 हजार 894 मतदाताओं ने अपने अपने मताधिकार का उपयोग किया है। जिसमें लोजपा प्रत्याशी को 5 लाख 38 हजार 657 मत मिले। जबकि सीपीआईएम प्रत्याशी संजय सिंह 3 लाख 77 हजार 526 वोट लाने में ही सफल हो सके। इधर इन दोनों के बाद सबसे अधिक मत 31 हजार 111 नोटा को मिला। मतलब 12 प्रत्याशियों में नोटा तीसरे स्थान पर रहा।
धारा 370 के बयान से बदला चुनावी माहौल
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में खगड़िया सीट काफी हॉट माना जा रहा था। मीडिया से लेकर चुनावी जानकर एनडीए और इंडी गठबंधन में सीधी भिड़ंत की बात कह रहे थे। दोनों खेमा मतदाताओं को अपनी-अपनी पक्ष में लाने की जुगत कर रहा था, लेकिन इंडी गठबंधन के सीपीआईएम प्रत्याशी संजय सिंह के धारा 370 के बयान ने चुनावी फिजा ही बदल दी। संजय सिंह का मतदान से ठीक 48 घंटे पहले एक बयान सोशल मीडिया में वायरल हो गया। जिसमें वे इंडी सरकार बनते ही जम्मू कश्मीर में पुनः धारा 370 बहाल करने की बात करते देखे गए, जिसे सबसे पहले अमर उजाला ने प्रकाशित किया था।
सोशल मीडिया कैंपेनिंग भी हुआ कामयाब
इस बार की लोकसभा चुनाव में खगड़िया की सीट पर एनडीए और इंडी गठबंधन द्वारा जीत के लिए एड़ी चोटी एक की गई। दोनों तरफ से धुआंधार चुनाव प्रचार किए गए, लेकिन इंडी गठबंधन के उम्मीदवार संजय सिंह सोशल कैंपेनिंग करने में विफल हो गए। जबकि एनडीए प्रत्याशी राजेश वर्मा डोर टू डोर कैंपेनिंग के अलावा सोशल मीडिया से लोगों बीच अपनी बात रखने में कामयाब हो गए। चुनावी विशेषज्ञों की मानें तो धारा 370 पर दिए बयान और सोशल मीडिया कैंपेनिंग लोजपा की जीत में काफी अहम रहा।