2020 के चुनाव परिणामों की जानकारी
| विधानसभा क्षेत्र |
विजेता उम्मीदवार |
पार्टी |
| बेगूसराय |
कुंदन कुमार |
भाजपा |
| मटिहानी |
राजकुमार सिंह |
जेडीयू |
| साहेबपुर कमाल |
सतानंद संबुध |
राजद |
| बखरी (सु) |
सूर्यकांत पासवान |
सीपीआई |
| चेरिया बरियारपुर |
राजवंशी महतों |
राजद |
| बछवाड़ा |
सुरेंद्र मेहता |
भाजपा |
| तेघड़ा |
रामरतन सिंह |
सीपीआई |
जानें क्या है यहां के मुद्दे
बेगूसराय में कई वर्षों से लोग शिक्षा और परिवहन के क्षेत्र में सुधार की मांग कर रहे हैं। जिले में दिनकर विश्वविद्यालय और हवाई अड्डे की स्थापना की उम्मीद लंबे समय से जताई जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में भी यहां लोगों की जरूरतें बढ़ रही हैं। बढ़ते सड़क हादसों और प्रदूषण के कारण बीमारियों में वृद्धि हुई है, इसलिए ट्रामा सेंटर और मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की मांग जोर पकड़ रही है।
परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी कई योजनाएं लंबित हैं। बरौनी-गढ़पुरा रेल लाइन काफी समय से प्रस्तावित है, जबकि मटिहानी शामहों पुल और कावर झील के आसपास विकास की दिशा में काम की आवश्यकता है। नदी और नहर में जमा गाद तथा दियारा क्षेत्र में कटाव की समस्या भी लोगों के सामने है। इसके अलावा, एसएच 55 सड़क का बेगूसराय से रोसड़ा तक चौड़ीकरण अब तक पूरा नहीं हो सका है।
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प्रशासनिक मामलों में भी कई शिकायतें हैं। जिले के कुछ इलाके प्रखंड बनने की मांग कर रहे हैं और बखरी को जिला बनाने की आवाज भी जारी है। बेगूसराय और बरौनी रेलवे स्टेशन को वर्ल्डक्लास प्रोजेक्ट का दर्जा देने के बावजूद यह अब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सका।
शहर में जल निकासी की समस्या भी गंभीर है क्योंकि सरकारी जमीन और गड्ढों को अवैध तरीके से बेच दिया गया है, जिससे पानी जमा रहता है। भूमि विवादों के कारण जिले में अपराधिक घटनाएं लगातार घट रही हैं। कुल मिलाकर बेगूसराय में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, जल निकासी और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दे जनता की प्राथमिक चिंता बने हुए हैं।