बेगूसराय के बखरी में दुकान बंद कर घर लौट रहे स्वर्ण व्यवसायी से तीन अपराधियों ने हथियार के बल पर लूटपाट की। अपराधियों ने उनसे 60 हजार रुपये नकद, सोने की एक बाली, बाइक के कागजात और अन्य सामान छीन लिया। वारदात के बाद भागते समय अपराधियों ने गोली भी चलाई। घटना के विरोध में सोमवार को बखरी के स्वर्ण व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और बैठक कर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कारोबारियों ने करीब आधा दर्जन पुरानी चोरी और छिनतई की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि न तो कई मामलों का खुलासा हुआ है और न ही लूटे गए सामान की बरामदगी हो सकी है। बैठक में लूटकांड के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कारोबारियों को सुरक्षा देने की मांग की गई।
दुकान बंद कर घर लौट रहे व्यवसायी को बनाया निशाना
बेगूसराय जिले के बखरी थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। मिली जानकारी के अनुसार, बखरी बाजार स्थित कंचन ज्वेलर्स के संचालक नीरज रोज की तरह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उनका घर परिहरा में बताया गया है। इसी दौरान डरहा पुल पर पहले से घात लगाए बैठे तीन अपराधियों ने उनकी बाइक रोक ली। व्यवसायी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही अपराधियों ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया और हथियार के बल पर लूटपाट शुरू कर दी। आरोप है कि अपराधियों ने नीरज से 60 हजार रुपये नकद, सोने की एक बाली, बाइक के कागजात और अन्य सामान छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों अपराधी बाइक से बगरस की ओर भाग निकले। भागने के दौरान उनके गोली चलाने की भी बात सामने आई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
लूटकांड के विरोध में स्वर्ण व्यवसायियों ने बंद रखीं दुकानें
घटना के विरोध में सोमवार को बखरी के स्वर्ण व्यवसायियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखकर नाराजगी जताई। मुख्य बाजार स्थित रामा पैलेस के सामने स्वर्ण व्यवसायियों की बैठक हुई। शर्राफा व्यवसायी संघ के उपाध्यक्ष बलराम स्वर्णकार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कारोबारियों ने घटना पर आक्रोश जताया और आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
आधा दर्जन पुरानी घटनाओं का हवाला, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
बैठक में कारोबारियों ने बन्धु ज्वेलर्स, एसके ज्वेलर्स और अमन ज्वेलर्स सहित करीब आधा दर्जन पुरानी चोरी और छिनतई की घटनाओं का जिक्र किया। उनका कहना था कि कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इन मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी और घटनाओं के खुलासे को लेकर संतोषजनक नतीजे सामने नहीं आए हैं। साथ ही, लूटे गए सामान की बरामदगी भी नहीं हो सकी है। कारोबारियों ने आरोप लगाया कि किसी घटना के बाद पुलिस जांच का भरोसा देती है, लेकिन पीड़ितों को ठोस नतीजों का इंतजार करना पड़ता है। लगातार हो रही वारदातों और कथित तौर पर लंबित मामलों के कारण स्वर्ण व्यवसायियों में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि वे अपने भविष्य और कारोबार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
डरहा पुल पर हुई लूट की घटना ने रात के समय कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्वर्ण व्यवसायियों के लिए दिनभर का कारोबार समेटने के बाद नकदी और कीमती सामान लेकर घर लौटना रोजमर्रा की मजबूरी है। ऐसे में रास्ते में ही लूटपाट की घटना होना पुलिस की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कारोबारियों ने सवाल उठाया कि पुल जैसे रास्तों पर अपराधी घात लगाकर बैठे थे और लूटपाट के बाद गोली चलाते हुए फरार हो गए, तो पुलिस की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? उनका कहना है कि बाजार में कारोबार तभी सुरक्षित रह सकता है, जब अपराधियों में कानून का भय हो और पीड़ितों को पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा हो।
पूर्व विधायक ने भी उठाए सवाल, वरीय अधिकारियों से जांच की मांग
बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान और नगर उपसभापति प्रतिनिधि सुरेश सहनी ने भी घटना पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बखरी में अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं और स्वर्ण व्यवसायियों को सरेशाम निशाना बनाया जा रहा है। दोनों ने बखरी के एसडीपीओ कुंदन कुमार पर अपराधियों और शराब माफिया को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि बड़े अपराधियों और शराब माफिया की गिरफ्तारी के बाद भी उनके आसानी से छूट जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच वरीय पुलिस अधिकारियों से कराने की मांग की।
हालांकि, एसडीपीओ पर लगाए गए आरोप बैठक में शामिल लोगों के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आंदोलन की तैयारी, आरोपियों की गिरफ्तारी और सामान की बरामदगी की मांग
स्वर्ण व्यवसायियों ने दुकानें बंद रखकर स्पष्ट किया कि सुरक्षा के मुद्दे पर वे चुप नहीं बैठेंगे। बैठक में लूटकांड में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी, लूटे गए सामान की बरामदगी और बाजार में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई। कारोबारियों का कहना है कि यदि पुरानी घटनाओं का निष्पादन नहीं होता और नई वारदातें लगातार होती रहती हैं, तो पुलिस-प्रशासन पर उनका विश्वास प्रभावित होना स्वाभाविक है। बैठक में संघ के सचिव प्रशांत सोनी, सह सचिव कोमल आर्य, पवन गुप्ता, कृष्णबंधु स्वर्णकार, राजाराम स्वर्णकार, राजू स्वर्णकार, सुमित स्वर्णकार, सोनू गुप्ता, कन्हैया साह, नवीन स्वर्णकार, अरविंद स्वर्णकार, वीरेंद्र सोनी, नीरज पोद्दार, आनंद सावंत, प्रेम पोद्दार और लालबाबू साह सहित अन्य स्वर्ण व्यवसायी मौजूद थे।