बिहार के बेतिया जिले से पुलिस की बर्बरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना लौरिया थाना क्षेत्र की है, जहां एक नाबालिग लड़के राजकुमार महतो के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित और उसके परिवार ने इस मामले को लेकर चंपारण क्षेत्र के डीआईजी हरकिशोर राय को लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग की है।
जमीन विवाद से जुड़ा था मामला
पीड़ित के अनुसार, यह मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। राजकुमार महतो और उसके माता-पिता का कहना है कि सोनू ठाकुर और मोनू ठाकुर नामक व्यक्तियों ने उनके घर से सीमेंट, सरिया और अन्य सामान चोरी कर लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने यह भी दावा किया कि जिस जमीन पर उनका घर बना है, वह उनकी अपनी जमीन है। विरोध करने पर आरोपियों ने परिवार को जान से मारने, यहां तक कि गोली मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने किया गाली-गलौज और दुर्व्यवहार
घटना के अगले दिन जब पीड़ित परिवार शिकायत दर्ज कराने के लिए लौरिया थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय आवेदन लेने से ही इनकार कर दिया। परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और दुर्व्यवहार किया।
पुलिस ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा
इसी दौरान राजकुमार महतो को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस का कहना था कि वह अक्सर उनके घर पर आने-जाने का वीडियो बनाता है, जिसे लेकर वे नाराज थे। राजकुमार के माता-पिता का कहना है कि उसे थाने के अंदर बेरहमी से पीटा गया। उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और वर्तमान में उसके पैरों पर पट्टियां बंधी हुई हैं।
सच बताने पर मिली जान से मारने की धमकी
खुद राजकुमार ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसे जमीन पर गिराकर जूतों से उसके पैरों को दबाया और लाठियों से पीटा। इस दौरान उसे लगातार धमकाया गया कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो उसे फिर से उठाकर ले जाया जाएगा और यहां तक कि उसे गोली मार दी जाएगी।
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पीड़ित परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।