बिहार सरकार ने निर्णय लिया है कि एक अप्रैल से किसी भी स्टेट हाइवे और जिला सड़कों पर बने पुलों पर टैक्स नहीं लिया जाएगा। इसकी स्वीकृति कैबिनेट द्वारा दी गई है। इससे पहले राज्य सरकार 54 पुलों पर टोल टैक्स वसूल रही थी। लेकिन आज के बाद से किसी पुल पर टैक्स लिया जाएगा तो उसे अवैध मानते हुए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि पथ निर्माण मंत्री
नंद किशोर यादव ने विधानमंडल सत्र के दौरान इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू नहीं होगा क्योंकि वह केंद्र के अंतर्गत आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के बड़े पुलों और शहर की सड़कों पर समुचित रौशनी की भी व्यवस्था की जाएगी।
इसमें पुराने पुलों के साथ नए पुलों को भी शामिल किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि टैक्स वसूलने का काम पुल निगम निर्माण द्वारा किया जाता है। इसके लिए हर साल पुल की नीलामी की जाती और सबसे अधिक नीलामी लगाने वाले को टेंडर मिलता है। इस प्रक्रिया में 100 से अधिक पुलों को शामिल किया जाता है लेकिन बहुत से पुलों की नीलामी नहीं हो पाती है। अब तक 37.66 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की जाती थी लेकिन सरकार ने नागरिकों की परेशानी पर विचार कर टोल टैक्स हटाया।