बिहार के लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार मामले में बिहार हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। अब इस फैसले को राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
गुरुवार को प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस फैसले में खंडपीठ का नजरिया ‘एप्रोच’ सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि नरसंहार का मुकदमा और साधारण मुकदमा को देखने के नजरिया में अन्तर होना चाहिये। हाईकोर्ट ने अभियोजन के सभी गवाह को अविश्वनीय माना। ऐसा नहीं होना चाहिये था।
जिन साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने सजा सुनाई उन्हीं साक्ष्यों के आधार पर रिहा भी किया गया। साक्ष्यों का विश्लेषण व विवेचन बारीकी से होना चाहिए था।
जानकारी के मुताबिक बहुत ही जल्द राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी। तैयारियां शुरू शुरू कर दी गई हैं और यह मामले के बारे में बारीक अध्ययन शुरू कर दिया गया है।