बिहार के जमुई में शुक्रवार का सूरज एक परिवार के लिए अंधेरा लेकर आया। पुलिस का मुखबिर होने के शक में माओवादियों ने एक पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया। परिवार में तीन लोग मौजूद थे, जिन्हें माओवादियों ने बड़ी बेरहमी से मार डाला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक सभी मृतकों के शरीर पर चोर के गंभीर निशान है, जिससे पता चलता है कि उनकी हत्या से पहले उन्हें काफी पीटा गया। हत्या के लिए पत्थर और डंडे का इस्तेमाल किया गया है।
जमुई के एसपी जयंत कांत ने बताया कि मृतकों की पहचान बजरंगी कोड़ा, शिव कोड़ा और मीना देवी के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि हमें शव कुकुरझाप बांध के पास मिला। उनके शव के पास से एक लाल चिट्ठी मिली है, जिसमें हत्या की जिमेदारी ली गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस ने माओवादियों के इलाके में छानबीन शुरू कर दी है।
सूत्रों की माने तो माओवादियों ने शिव कोड़ा के परिवार पर नजर बना रखी थी, उन्हें शक था कि यह लोग माओवादियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाते हैं। इस सिलसिले में उन्होंने शिव के परिवार को धमकी भी दी थी, लेकिन पुलिस ने उस वक्त कोई कार्रवाई नहीं की थी।