पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मंगलवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा एवं अन्य अधिकारियों के साथ अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पहली जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पटना शहर में 1 जुलाई से अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगा। इसके लिए नौ टीमों का गठन किया गया है। यह मल्टी-एजेंसी अभियान पटना नगर निगम के छह अंचलों- नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी के अलावा खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर नगर परिषद क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा नहीं होने देंगे
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा हर हाल में रोका जाए। आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां अतिक्रमण हटाया जाएगा, वहां बोलार्ड लगाकर बैरिकेडिंग की जाए तथा ग्रीन पार्क, बैडमिंटन कोर्ट, रिक्रिएशन जोन जैसी जनसुविधाएं विकसित की जाएं।
CCTV कैमरों से होगी निगरानी, मौके पर ही कटेगा चालान
जिलाधिकारी ने अतिक्रमण उन्मूलन अभियान में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से नियमित उद्घोषणा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों एवं अतिक्रमणकारियों पर मौके पर ही जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के करीब 415 स्थानों पर 3,300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से निगरानी की जा रही है।
अतिक्रमण करने वालों पर होगी एफआईआर
डीएम ने कहा कि अतिक्रमण हटाने में बाधा डालने वालों से सख्ती से निपटा जाए। पुनः अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। अतिक्रमण में इस्तेमाल सामान जब्त किए जाएंगे और आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा, ताकि दोबारा ऐसी गतिविधियां न हों। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आदेशानुसार 'सबका सम्मान-जीवन आसान' के तहत नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाईयों को कम कर उनके जीवन को और आसान बनाने के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर है।
32 वेंडिंग जोन होंगे विकसित
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि पटना नगर निगम क्षेत्र में 32 वेंडिंग जोन प्रस्तावित हैं, जिन पर तेजी से कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी हितधारकों से समन्वय स्थापित कर आसपास के अव्यवस्थित वेंडरों को इन वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया जाए।
यह भी पढ़ें:
फैजल खान सर की जमानत पर तारीख-दर-तारीख की वजह जानें; नामजद प्राथमिकी रद्द हो सकती है क्या?
नेहरू पथ से पटना सिटी तक रहेगा प्रशासन का फोकस
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड, गांधी मैदान, सगुना मोड़-दानापुर रेलवे स्टेशन रोड, चितकोहरा, चिरैयाटांड़, रूपसपुर, दीघा बाजार, पटना सिटी तथा प्रमुख अस्पतालों के आसपास अतिक्रमण हटाकर यातायात सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
'पटना को जाम और अतिक्रमण मुक्त बनाना प्राथमिकता'
डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि पटना शहर में सुगम, सुरक्षित और जाम-मुक्त यातायात सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई करने और अतिक्रमण उन्मूलन अभियान को परिणाम आधारित बनाने का निर्देश दिया।