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CBSE: अब यह विषय भी सीबीएसई पाठ्यक्रम में शामिल; आठवीं अनुसूची में शामिल होने के 20 साल बाद मैथिली को सम्मान

Mon, 25 May 2026 02:04 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Maithili Language : एक भाषा के रूप में मैथिली को संविधान की अष्टम सूची में शामिल हुए तकरीबन दो दशक से ज्यादा हो गए। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मैथिली को पाठ्यक्रम में शामिल करने की सहमति दी है। बिहार में हर्ष है।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, CBSE - फोटो : X(@cbseindia29)
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मिथिला वासियों के लिए अच्छी खबर है। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को शामिल कर लिया गया है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने इस संबंध में सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को पत्र भेजकर जानकारी दी है। मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर द्वारा मैथिली भाषा को CBSE पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को शिक्षा मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) से जांच कराई गई, जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 5 तक तथा संभवतः कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को मातृभाषा में शिक्षा देने की अनुशंसा की गई है।

 

मैथिली भाषा को भी स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में स्थान

जयंत चौधरी ने कहा कि मैथिली संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है। NCERT ने मैथिली सहित 121 भारतीय भाषाओं में प्राइमर विकसित किए हैं। इसके अलावा पाठ्यपुस्तकों का अनुवाद भी मैथिली समेत अनुसूचित भाषाओं में कराया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (स्कूल शिक्षा) 2023 के क्रियान्वयन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहयोग दिया जा रहा है। इसी क्रम में मैथिली भाषा को भी स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में स्थान दिया गया है।

 

सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के सुझावों की सराहना

पत्र में CBSE की ओर से यह जानकारी साझा की गई है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर पर CBSE पाठ्यक्रम में मैथिली विषय को शामिल किया गया है। मैथिली भाषा का पाठ्यक्रम CBSE की आधिकारिक अकादमिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है। मंत्री जयंत चौधरी ने अपने पत्र में सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय भारतीय भाषाओं के संवर्धन, संरक्षण और विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक हितों को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

 

ऋतुराज सिन्हा बोले- मैथिली प्रेमियों को हार्दिक बधाई

वहीं इस मामले पर भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान एवं राज्य मंत्री जयंत चौधरी जी का हृदय से आभार, जिनके प्रयासों से सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को शामिल किया गया। यह निर्णय हमारी मातृभाषा, संस्कृति और विरासत को नई पहचान देने वाला है। अब नई पीढ़ी अपनी भाषा से और मजबूती से जुड़ पाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा बिहार की संस्कृति, भाषाओं और प्रतिभाओं को सम्मान देने का कार्य किया है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने का संकल्प आज साकार होता दिख रहा है। मिथिला की आत्मा, उसकी भाषा और उसकी गौरवशाली परंपरा को यह सम्मान मिलने पर सभी प्रदेशवासियों एवं मैथिली प्रेमियों को हार्दिक बधाई।

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