नरेंद्र मोदी की पटना रैली को निशाना बनाकर किए गए सिलसिलेवार बम धमाकों के मुख्य आरोपियों में से एक की मौत हो गई है। वह गंभीर रूप से जख्मी था।
रविवार को पटना रेलवे स्टेशन पर हुए पहले विस्फोट में एनुल उर्फ तारिक जख्मी हो गया था। वह शहर के इंदिरा गांधी मेडिकल इंस्टीट्यूट में तभी से भर्ती था। वह कोमा में था।
वह और एक अन्य आरोपी इम्तियाज अंसारी स्टेशन के टॉयलेट में बम फिट कर रहे थे, जब साथ वाले स्टॉल से चीनी मोबाइल फोन की तेज घंटी ने उनका ध्यान भटका दिया। इस हड़बड़ी में बम वहीं गिरकर फट गया।
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अंसारी विस्फोटकों से भरा बैग लेकर भागते हुए पकड़ा गया। पुलिस का दावा है कि अंसारी ही उन छह लोगों में मास्टरमाइंड था, जिन्होंने बम लगाए थे।
अंसारी और एनुल आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के रांची मॉड्यूल के सदस्य बताए जाते हैं।
गांधी मैदान में हुए सीरियल ब्लास्ट में छह लोग मारे गए, जबकि 83 जख्मी हुए। धमाके नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के दौरान हुए थे।