बिहार के महाबोधि मंदिर में हुए सीरियल बम धमाकों के छह दिन बाद भी सुरक्षा एजेंसियां खाली हाथ हैं।
ब्लास्ट की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियां इसमें इंडियन मुजाहिदीन के अलावा नक्सलियों, रोहिंग्या मुसलिमों के साथ ही दक्षिणपंथी संगठनों की भी भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ब्लास्ट से संबंधित हर पहलू की जांच कर रही है और इसके पीछे इंडियन मुजाहिदीन और रोहिंग्या मुसलमानों के साथ ही नक्सलियों और दक्षिणपंथी गुटों की भी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
अधिकारी ने कहा कि भगवान बुद्ध की प्रतिमा के नीचे स्थित कमल पर रखे गए आईईडी को सीरियल बम धमाकों से करीब 1 घंटे पहले तैयार किया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों ने महाबोधि मंदिर में हुए धमाकों के पीछे किसी नए मॉड्यूल का हाथ होने का संदेह व्यक्त किया है क्योंकि जिन आईईडी में धमाका नहीं हुआ उनकी जांच से पता चला है कि ये इसके पहले देशभर में हुए बम धमाकों से अलग है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों ने कहा कि महाबोधि मंदिर से मिली तीन आईईडी की प्रारंभिक जांच में ये अन्य आतंकी हमलों से बिलकुल अलग है।