विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने हिंदुओं के पलायन की पड़ताल के लिए जांच आयोग बनाने की मांग की है। पटना में विहिप की शीर्ष इकाई ‘गवर्निंग काउंसिल’ की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से देश के विभिन्न हिस्सों से हिंदुओं के पलायन की पड़ताल के लिए जांच आयोग, इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और समान जनसंख्या नीति की मांग की।
तोगड़िया ने हिंदुओं के पलायन से लेकर मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या पर बड़े ही सधे अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए एक समान जनसंख्या नीति लागू होनी चाहिए।
तोगड़िया ने कहा कि हर जगह हिंदुओं का पलायन हो रहा है। चाहे वह केरल हो, कश्मीर हो, असम हो या पश्चिम बंगाल या फिर महाराष्ट्र। उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 200 से अधिक स्थान ऐेसे हैं, जहां से हिंदुओं का पलायन हुआ।
मैं यह इसलिए नहीं कह रहा कि उप्र में चुनाव है। हम पलायन को किसी राजनीतिक दल के लिए मुद्दा नहीं बनाना चाहते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को इस मामले की पड़ताल के लिए एक जांच आयोग का गठन करना चाहिए।’ इतना ही नहीं तोगड़िया ने पलायन के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की।
राम मंदिर निर्माण को बनेगा कानून
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के सवाल पर तोगड़िया ने कहा कि संसद में कानून बनाकर ही इस मुद्दे का हल निकाला जा सकता है।
हालांकि उन्होंने राजग सरकार के दो साल पूरे होने पर कोई टिप्पणी नहीं की। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए संसद में विधेयक पारित करा लेंगे। विधेयक को लेकर समय सीमा के बारे में उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने फैसला लिया, तो इसे संसद के आगामी मानसून सत्र में ही पारित कराया जा सकता है। राज्यसभा में समर्थन का अभाव होने पर इसे दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में पारित कराया जा सकता है।
हिंदुओं को ‘पलायन नहीं पराक्रम’ का नारा
प्रवीण तोगड़िया ने हिंदुओं के लिए ‘पलायन नहीं पराक्रम’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि विहिप इस बारे में एक सर्वेक्षण कर रहा है कि उन इलाकों में हिंदुओं को सुरक्षा कैसे मुहैया कराई जाए, जहां से हिंदू सुरक्षा कारणों को लेकर पलायन को मजबूर हैं।
इस बीच विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ राघव रेड्डी और संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन भी मौजूद रहे।
Published By Rahul Sankrityayan