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Lalu Yadav : सुप्रीम कोर्ट से राजद अध्यक्ष लालू को बड़ी राहत; जमानत रद्द की सुनवाई अब अक्टूबर में

Fri, 25 Aug 2023 01:38 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट चारा घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को रांची हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती देने वाली CBI की याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गया, लेकिन फिर लालू को फौरन राहत भी मिल गई।
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ज्ञान भवन में 'नीतीश कुमार' पुस्तक का विमोचन के मौके पर लालू ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद प्रसाद को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी है। लालू की जमानत कैंसिल करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई थी। अगर फैसला पक्ष में नहीं आता तो लालू प्रसाद के लिए मुश्किलें बढ़ जाती। 18 अगस्त को CBI ने रांची हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने 25 अगस्त को सुनवाई करने की बात कही थी। जमानत रद्द करने को लेकर सुनवाई पर अब सुप्रीम कोर्ट अक्टूबर में सुनवाई करेगा।

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चारा घोटाले से जुड़े मामलों में जमानत मिली थी
सुप्रीम कोर्ट चारा घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को रांची हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती देने वाली CBI  की याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आज सुनवाई करने जा रही है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को रांची हाई कोर्ट ने चारा घोटाले से जुड़े मामलों में जमानत दे दी थी। CBI  ने हाई कोर्ट के सभी आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। बता दें कि पूर्व लालू यादव को चारा घाटाला मामले में दोषी ठहराया गया था और उनकी अपीलें कई अदालतों में लंबित हैं।

इससे पहले मार्च में CBI की याचिका पर नोटिस से इनकार
गौरतलब है कि इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के डोरंडा कोषागार केस में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत को चुनौती देने वाली CBI की याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद इसे लंबित अपील की सूची में डाल दिया गया था। इस मामले में राजद सुप्रीमो लालू यादव को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उस वक्त न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने कहा था कि वह नोटिस जारी नहीं कर रही है बल्कि मामले को CBI द्वारा दायर इसी तरह की लंबित अपील के साथ जोड़ रही है।

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