चारा घोटाला मामले में जेल गए लालू प्रसाद यादव की अनुपस्थिति में राजद का नेतृत्व उनकी पत्नी व राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी करेंगी।
पटना में रविवार को देर शाम आयोजित राजद के सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।
राजद के सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता अपने आपको लालू प्रसाद यादव मान रहा है और पूरी एकजुटता के साथ है।
बैठक में एक संकल्प पारित कर कहा गया कि भाजपा, जदयू और आरएसएस ने साजिश कर लालू प्रसाद यादव को फंसाया है। इसका मुंहतोड़ जवाब देना है। राजद के निशाने पर मीडिया भी रही।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि वह पार्टी के सभी नेताओं को साथ लेकर चलेंगी। मीडिया में सवाल उठाया जा रहा है कि लालू प्रसाद के जेल जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष कौन होगा। यह सवाल बेमानी है। लालू प्रसाद ही अध्यक्ष रहेंगे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष कहता है कि वह घर में बैठ गईं हैं, लेकिन मैं राजनीति से आउट थोड़े ही हो गई हूं। लालू के जेल जाने से मैं दुखी हूं, लेकिन इस घड़ी में पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को लेकर उनके अभियान को आगे बढ़ाऊंगी।
उनका कहना था कि लालू जी ने कोई घोटाला नहीं किया है। दशहरा बाद हम उच्च न्यायालय जाएंगे। हमारे नेता जेल से बाहर आएंगे और देश भर का दौरा करेंगे।
इस बैठक में सांसद, विधायक, पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायकों के अलावा जिला प्रभारी और प्रकोष्ठों के प्रभारी भी शामिल हुए। बैठक के लिए तैयार मंच पर लालू के दोनो बेटे तेजस्वी व तेजप्रताप भी मौजूद थे।
बैठक को प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे, सांसद जगदानंद, प्रधान महासचिव रामकृपाल यादव, पूर्व सांसद रघुनाथ झा, अली अशरफ फातमी, रामदेव भंडारी, इलियास हुसेन, कांति सिंह,मो. तसलीमुद्दीन, प्रेम गुप्ता, शिवचन्द्र राम आदि ने भी संबोधित किया।
गौरतलब है कि चारा घोटाले में लालू को पांच साल की सजा हुई है वो फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं।