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Bihar News: मासूम की हत्या का खुलासा, असली निशाना थे वकील पिता, 4 महीने की रेकी के बाद रची गई खौफनाक साजिश

Sat, 07 Mar 2026 10:32 AM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

बिहार के सहरसा जिले में 18 फरवरी को सिमराहा चौक के पास अधिवक्ता अनुज कुमार के 13 वर्षीय बेटे अंकित की हत्या के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि असली निशाना अधिवक्ता अनुज कुमार थे, लेकिन मौका नहीं मिलने पर अपराधियों ने उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी।
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गिरफ्तार आरोपी पुलिस गिरफ्त में - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के सहरसा जिले में 18 फरवरी को सिमराहा चौक के पास हुई अधिवक्ता अनुज कुमार के 13 वर्षीय बेटे की हत्या कोई इत्तेफाक नहीं थी, बल्कि एक गहरी साजिश का हिस्सा थी। इस साजिश में असली निशाना कोई और था, लेकिन मौका न मिलने पर अपराधियों ने एक मासूम बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। सहरसा पुलिस की एसआईटी टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य साजिशकर्ता राजीव कुमार उर्फ बौआ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

क्या था पूरा मामला?
सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा में 18 फरवरी को बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने स्कूल से घर लौट रहे व्यवहार न्यायालय सहरसा के अधिवक्ता अनुज कुमार के 13 वर्षीय पुत्र अंकित को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल छात्र को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी हिमांशु के निर्देश पर सदर एसडीपीओ आलोक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर अपराधियों तक पहुंच बनाई।

पति-पत्नी के झगड़े से शुरू हुई खूनी साजिश
पुलिस जांच में सामने आई कहानी बेहद चौंकाने वाली है। मुख्य आरोपी राजीव कुमार का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद होता था। इस पारिवारिक कलह में राजीव की पत्नी का रिश्तेदार होने के कारण अधिवक्ता अनुज कुमार लगातार हस्तक्षेप करते थे। इसी बात से नाराज होकर राजीव ने अपने भाई रंजन ठाकुर के साथ मिलकर अनुज कुमार को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

दुश्मनों ने मिलाया हाथ, दी गई सुपारी
राजीव को यह भी पता था कि अधिवक्ता अनुज कुमार का अपने पड़ोसियों के साथ पुराने विवाद चल रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए उसने अनुज के पड़ोसी पारस ठाकुर से संपर्क किया, जिसका अनुज के साथ रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद था। पारस ठाकुर ने अपना रास्ता साफ करने के लिए हत्या की सुपारी ले ली। इसके बाद पारस के साथ एक अन्य पड़ोसी पवन ठाकुर भी इस साजिश में शामिल हो गया, जिसका वादी के साथ पोखर की जमीन को लेकर पुराना विवाद था।

चार महीने तक की रेकी, फिर मासूम की हत्या
सुपारी मिलने के बाद हत्यारों ने नवंबर महीने में एक नया मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदा, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। करीब चार महीने तक अपराधी अधिवक्ता अनुज कुमार की गतिविधियों पर नजर रखते रहे, लेकिन उन्हें हत्या का सही मौका नहीं मिला। जब मुख्य टारगेट हाथ नहीं लगा, तो साजिशकर्ता राजीव ने हत्यारों को नया और खौफनाक निर्देश दिया। उसने कहा कि वादी को बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए उसके परिवार के किसी भी सदस्य की हत्या कर दी जाए। इसी अंधी साजिश का शिकार अधिवक्ता का 13 वर्षीय मासूम बेटा बन गया।

बेहतरीन जांच के लिए पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार
सहरसा के एसपी हिमांशु ने बताया कि यह पूरी तरह से योजनाबद्ध और सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने अपराधियों के इरादे और मकसद को पूरी तरह उजागर कर दिया है। इस कांड के गुणात्मक अनुसंधान और मजबूत साक्ष्य जुटाने के लिए अनुसंधानकर्ता को पुलिस विभाग की ओर से विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।

इस टीम ने सुलझाई हत्याकांड की गुत्थी
इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाली एसआईटी टीम में सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, साइबर थाना डीएसपी अजीत कुमार, अनुसंधानकर्ता जितेंद्र ठाकुर, रौशन कुमार, गुंजन कुमार और सनोज वर्मा के साथ जिला आसूचना इकाई तथा सदर थाना का सशस्त्र बल शामिल रहा।

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