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Bihar Hooch Tragedy: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की मौत, परिजनों ने जहरीली शराब पीने का लगाया आरोप

Fri, 07 Feb 2025 05:34 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

Saharsa News: पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इसके अलावा सिविल सर्जन को भी मौत का स्पष्ट कारण बताने के लिए कहा गया है।
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मृतक ललन मुखिया (फाइल फोटो) तथा सड़क जाम कर प्रदर्शन करते परिजन और ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहरसा जिले में जहरीली शराब से मौत का एक और मामला सामने आया है। जिले के बनगांव थाना क्षेत्र के वासुदेवा गांव में ललन मुखिया (38) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि ललन ने दो दिनों से लगातार शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

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वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। इस बीच घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
 
‘जहरीली शराब बनी मौत की वजह’
मृतक ललन मुखिया के परिजनों ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से लगातार शराब पी रहा था। गुरुवार को उसने 500 रुपये की शराब खरीदी थी, जबकि शुक्रवार को भी उसने 100 रुपये की शराब पी। शराब पीने के लगभग एक घंटे बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन जब उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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परिवार के मुताबिक, ललन मुखिया मखाना और खेती का कारोबार करता था। हाल ही में छत्तीसगढ़ में किए गए एक सौदे में उसे करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ था, जिससे वह बेहद तनाव में था। इसी गम में उसने शराब पीना शुरू कर दिया।
 

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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा - फोटो : अमर उजाला
परिजनों का कहना है कि शराब एक स्थानीय महिला से खरीदी गई थी, जो पॉलिथीन में पैक करके इसे बेच रही थी। ललन ने शराब का भुगतान ऑनलाइन किया था। उसके बड़े साले कपल मुखिया ने दावा किया कि जहरीली शराब के सेवन से उसकी मौत हुई है।
 
स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन
इस घटना को गांव के लोग आक्रोशित हो गए और परिजनों के साथ मिलकर सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर शराबबंदी लागू करने में विफल रहने का आरोप लगाया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, सूचना मिलते ही बनगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सड़क पर लगा जाम हटाया गया और यातायात सुचारु रूप से चालू हो सका।
 
पूर्व विधायक ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
इस घटना को लेकर पूर्व विधायक और जन सुराज के प्रदेश उपाध्यक्ष किशोर कुमार मुन्ना ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह फेल हो चुकी है और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा जोरों पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब बिहार में शराब बंद है, तो फिर शराब बिक कैसे रही है? सरकार और प्रशासन की संलिप्तता के कारण ही जहरीली और घटिया शराब की बिक्री हो रही है, जिससे लोगों की जान जा रही है। पूर्व विधायक ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
 
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
यह मामला एक बार फिर बिहार में शराबबंदी की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करता है। राज्य सरकार ने शराबबंदी लागू कर रखी है, लेकिन इसके बावजूद गांवों और शहरों में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। सहरसा जिले में पहले भी अवैध शराब से जुड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन पर इस धंधे को रोकने में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं।
 
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
इधर, सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। प्रशासन का कहना है कि अगर ललन मुखिया की मौत जहरीली शराब के सेवन से हुई है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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