सहरसा जिले के महिषी थाना क्षेत्र के राजनपुर बाजार में शुक्रवार देर रात भीषण अग्निकांड हुआ। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने आधा दर्जन दुकानों और एक कोचिंग सेंटर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे करीब आठ लाख रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की कड़ी मशक्कत से बुझी आग
स्थानीय ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को अपना सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। ग्रामीणों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना देकर आपूर्ति बंद करवाई, जिससे आग को फैलने से रोका जा सका।
इन दुकानों में हुआ सबसे अधिक नुकसान
इस अग्निकांड में कई दुकानों को भारी नुकसान हुआ, जिसमें प्रमुख रूप से ये दुकानें शामिल हैं:-
- मो. आरिफ अनवर की अचार-मुरब्बा उत्पादन दुकान
- राम चौधरी की कपड़ा दुकान
- रंजीत सिंह की खाद-बीज की दुकान
- संतोष चौधरी की बर्तन दुकान
- गौतम भगत की किराना दुकान
- मो. सरफराज का मखतब कोचिंग सेंटर
दुकानदारों का कहना है कि वे पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं और उनके पास फिर से कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी नहीं बची।
समाजसेवियों ने की मुआवजे की मांग
स्थानीय समाजसेवी मीर रिजवान ने सरकार और प्रशासन से अग्नि पीड़ित दुकानदारों के लिए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि आग अचानक लगी और इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। सरकार को प्रभावित दुकानदारों की मदद करनी चाहिए।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही महिषी थाना अध्यक्ष जय शंकर कुमार अग्निशमन दल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू करवाया। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है, हालांकि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को वजह बताया जा रहा है।
और बड़ा हो सकता था हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर समय रहते बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जाती और आग बुझाने के प्रयास नहीं किए जाते, तो यह आग बाजार की अन्य दुकानों में भी फैल सकती थी। इससे नुकसान का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता था।
प्रभावित दुकानदारों को मदद की आस
इस अग्निकांड के बाद दुकानदारों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि प्रभावित दुकानदारों को सरकारी सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाएगा ताकि वे फिर से अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।