बिहार के सहरसा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड और सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर चल रही हलचल के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने उन गांवों और शहरी वार्डों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है, जिन्हें कोर एरिया और विशेष क्षेत्र घोषित किया गया है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार, चिन्हित सभी इलाकों में नए मास्टर प्लान के अधिसूचित होने तक यानी 31 मार्च 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री, प्लॉटिंग और नए भवनों के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। नया टाउनशिप मुख्य रूप से कहरा और सौर बाजार प्रखंडों में विकसित किया जाएगा।
1020 एकड़ में बनेगा कोर एरिया
विभाग ने करीब 1020 एकड़ जमीन को कोर एरिया के रूप में चिन्हित किया है। यह क्षेत्र सहरसा शहर और रेलवे स्टेशन के पास स्थित है। इसमें कहरा प्रखंड का सोलिंदाबाद गांव और सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 39 और 40 शामिल हैं। कोर एरिया के अलावा लगभग 25,200 एकड़ क्षेत्र को विशेष क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। इसमें कहरा प्रखंड के अमरपुर, बलुआहा, बिशुनपुर, देवजाजी, दिवारी, धगजरी, खड़गपुर, मोहनपुर, परवनिया, परवनिया आराजी, पटुआहा, रूपनगर और सोलिंदाबाद शामिल हैं। वहीं सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 36, 37, 38, 39 और 40 भी पूरी तरह पाबंदी के दायरे में हैं। सौर बाजार प्रखंड के प्रभावित क्षेत्रों में अजगैबा, बैजनाथपुर, बखरी, भवानीपुर, चन्दौर, धामसेना, गम्हरिया, गढ़िया, मधुरा, नादो, सहुरिया, सौर और सौर बाजार के साथ नगर परिषद क्षेत्र सौर बाजार नगर शामिल हैं।
एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़ा चयन
मास्टर प्लान के अनुसार, इन क्षेत्रों के चयन की मुख्य वजह प्रस्तावित ‘पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे’ है। यह एक्सप्रेसवे इसी इलाके से होकर गुजरेगा, जिससे यहां व्यावसायिक और आवासीय विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही कोसी नदी के दूसरे छोर पर सुरक्षित और योजनाबद्ध विकास को ध्यान में रखकर भी इन इलाकों को चुना गया है।
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जमीन मालिकों और डीलरों में बढ़ी चिंता
सूची जारी होते ही कहरा और सौर बाजार के प्रभावित क्षेत्रों में जमीन मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों और घर बनाने की योजना बना रहे लोगों में चिंता बढ़ गई है। सरकार के निर्देश के बाद 2027 तक इन गांवों और वार्डों में रजिस्ट्री से लेकर निर्माण कार्य तक पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे फिलहाल इन इलाकों में रियल एस्टेट का कारोबार ठप पड़ने की स्थिति बन गई है।