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बेटे का शव देख मां ने भी प्राण त्यागे: छोटी-सी बात पर घेरकर ली युवक की जान, साथ जलीं मां-बेटे की चिता

Sun, 06 Sep 2026 07:28 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

सहरसा में राशन कार्ड पर अंगूठा लगाने को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या के बाद घर में मातम पसरा है। पोस्टमार्टम के बाद बेटे का शव देखते ही 80 वर्षीय मां ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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मामले में गिरफ्तार तीन आरोपी
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विस्तार
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सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के चिड़ैया थाना क्षेत्र अंतर्गत चानन पंचायत के सहुरिया, हनुमान टोला में रविवार को ऐसा हृदयविदारक मंजर देखने को मिला, जिसे देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। राशन कार्ड विवाद में मारे गए 45 वर्षीय अर्जुन सादा का शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही घर पहुंचा, बेटे का शव देखकर उसकी 80 वर्षीय मां पविया देवी यह सदमा सहन नहीं कर सकीं।

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दुखी परिजन।

बेटे के शव पर गिरकर बिलखते हुए मां ने भी मौके पर दम तोड़ दिया। एक ही आंगन से जब मां और बेटे की अर्थी एक साथ निकली तो पूरे गांव में मातम पसर गया। श्मशान घाट पर जब दोनों की चिताएं एक साथ जलीं तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक पड़ीं।

‘बबुआ उठ न...’ कहते ही थम गईं बूढ़ी मां की सांसें

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर बाद एंबुलेंस से जैसे ही अर्जुन सादा का शव घर के दरवाजे पर पहुंचा, वहां चीख-पुकार मच गई। लाठी के सहारे चौखट पर बैठी 80 वर्षीय पविया देवी बदहवास हालत में बेटे के शव के पास पहुंचीं। बेटे का शव देखते ही वह दहाड़ मारकर रोने लगीं और देखते ही देखते अचेत होकर उसके शव पर गिर पड़ीं। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

मृतक अर्जुन सादा अपने पीछे चार बेटियां और दो बेटे छोड़ गए हैं। एक ही दिन में बच्चों के सिर से पिता और दादी का साया उठ गया।

क्या था मामला: राशन कार्ड पर अंगूठा लगाने को लेकर हुआ था विवाद
घटना के संबंध में बताया जाता है कि 5 सितंबर को सहुरिया वार्ड-13 स्थित हनुमान टोला में राशन वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पुरानी रंजिश के कारण विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कोकराहां टोल निवासी हरीलाल सादा के पुत्र अर्जुन सादा गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।

 24 घंटे में तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार
हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए सहरसा पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के निर्देश पर सिमरी बख्तियारपुर के नवपदस्थापित एसडीपीओ निशीकांत भारती के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

एसडीपीओ निशीकांत भारती ने बताया कि चिड़ैया थाना कांड संख्या 53 के तहत त्वरित छापेमारी कर तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश कुमार, सूरज कुमार और शंकर कुमार शामिल हैं। तीनों कोकराहां टोल, सहुरिया, थाना चिड़ैया के निवासी हैं।

छह महिलाओं समेत 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
मृतक अर्जुन सादा के भाई अरविंद सादा के लिखित आवेदन पर चिड़ैया थाने में छह महिलाओं समेत 20 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। छापेमारी दल में चिड़ैया थानाध्यक्ष पुअनि इंद्रजीत कुमार तांती, पुअनि प्रेमचंद्र चौधरी, सअनि सुबोध कुमार सिंह तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

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एसडीपीओ का बयान
एसडीपीओ निशीकांत भारती ने कहा, “यह बेहद दुखद और संवेदनशील घटना है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे में तीन मुख्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बिगाड़ने और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

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