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Bihar: JDU विधायक को धमकी या जमीन विवाद की पैरवी? फोन कॉल ने मचाया सियासी बवाल, भाजपा नेता ने खोले कई राज

Tue, 09 Jun 2026 09:31 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar: निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव को कथित धमकी देने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस मोबाइल नंबर से कॉल किए जाने का आरोप है, उसके धारक ऋषिकेश चंद्रवंशी ने खुद को भाजपा नेता बताते हुए धमकी के आरोपों को खारिज किया है। 
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जदयू विधायक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुपौल के निर्मली से जदयू विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव को धमकी देने के मामले में एक नया मोड़ आया है। मामले में विधायक के सुरक्षा गार्ड के आवेदन पर सदर थाना में केस दर्ज किया गया है। जिसके बाद अब सुपौल आरओ संदीप कुमार और विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव के अलावा एक और नए व्यक्ति की एंट्री हो गई है।

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धमकी के आरोप को भाजपा नेता ने बताया बेबुनियाद
दरअसल, आवेदन में जिस मोबाइल नंबर का जिक्र किया गया है, वह व्यक्ति खुद को भाजपा नेता बता रहा है। साथ ही उसने विधायक के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। नंबर धारक का दावा है कि वह पूर्वी चंपारण जिले के पताही थाना क्षेत्र अंतर्गत चंपापुर पखरी निवासी ऋषिकेश चंद्रवंशी है। उनकी मानें तो वह भाजपा ईबीसी मोर्चा के पूर्व कार्यसमिति सदस्य हैं। उनका कहना है कि उन्होंने विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव को फोन किया था, लेकिन धमकी देने की बात पूरी तरह से गलत है।

'मदद के लिए किया था फोन, धमकी नहीं दी'
ऋषिकेश चंद्रवंशी का कहना है कि राजनीति में सक्रिय होने के कारण प्रतिदिन लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आते हैं। इसी क्रम में आरओ संदीप कुमार की समस्या उनके संज्ञान में आई थी। उन्होंने बताया कि आज तक उनकी संदीप कुमार से मुलाकात नहीं हुई है, लेकिन एक ही जाति से होने के कारण उन्होंने मदद के उद्देश्य से विधायक को फोन किया था। उनका आरोप है कि विधायक द्वारा सिविल कोर्ट के विवादित भूमि मामले में दाखिल-खारिज को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। इसी कारण मामले को शांत कराने के लिए उन्होंने बातचीत की थी, लेकिन उसे धमकी का रूप देकर केस दर्ज करा दिया गया।
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सुपौल बुलाकर हुई पूछताछ, बॉन्ड पर मिली जमानत
ऋषिकेश चंद्रवंशी ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद वह सुपौल पहुंचे और पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान अपना मोबाइल फोन भी जांच के लिए पुलिस के पास छोड़ दिया। इसके बाद बॉन्ड भरवाकर उन्हें जमानत दे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को कॉल रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिया गया है और भविष्य में भी जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

कम सजा वाली धारा होने से मिली राहत
सूत्रों के अनुसार, ऋषिकेश चंद्रवंशी पर जिन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, उनमें सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान है। इसी कारण थाना स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बॉन्ड भरवाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई।

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सीडीआर जांच में जुटी पुलिस, खुलासे का इंतजार
इधर, सुपौल एसपी सरथ आरएस ने बताया कि निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव को धमकी देने के मामले में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए संबंधित लोगों को बुलाया जाता है और संभवतः इसी क्रम में पूछताछ की गई होगी। मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाला जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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