सहरसा के कृष्णा नगर इलाके में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की छापेमारी ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया। खगड़िया में रिश्वत मामले से जुड़ी जांच के तहत टीम ने एक आवास पर लंबी तलाशी ली, जिसमें नकदी, जेवर और अहम वित्तीय कागजात मिले।
सहरसा जिले के पॉश इलाके कृष्णा नगर वार्ड-37 में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने एक आवास पर छापेमारी की। भारी पुलिस बल के साथ पहुंची निगरानी टीम ने दोपहर से देर रात तक घर के हर कोने की गहन तलाशी ली। यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 4/26 (दिनांक 08/01/2026) के तहत की गई। डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय निगरानी टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोपहर 2:30 बजे से रात 8:00 बजे तक करीब साढ़े पांच घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया।
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छापेमारी के दौरान निगरानी टीम ने घर के सभी कमरों, अलमारियों, लॉकर और अन्य स्थानों की बारीकी से जांच की। इस दौरान टीम को कुल 3 लाख 56 हजार 900 रुपये नकद मिले। इनमें से 3 लाख रुपये जब्त कर लिए गए, जबकि 56,900 रुपये घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मानवीय आधार पर छोड़ दिए गए। इसके अलावा तलाशी में सोने की दो चेन और एक अंगूठी भी बरामद की गई। साथ ही एलआईसी (बीमा) और फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े कई अहम वित्तीय दस्तावेज भी निगरानी टीम ने जब्त किए हैं।
छापेमारी का नेतृत्व कर रहे डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई खगड़िया में हुई गिरफ्तारी से जुड़ी हुई है। खगड़िया में कार्रवाई के बाद ही सहरसा स्थित इस आवास पर दबिश दी गई। अब निगरानी ब्यूरो जब्त की गई नकदी, जेवरात और दस्तावेजों का मिलान आय के ज्ञात स्रोतों से करेगा। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद निगरानी टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत घर के सदस्यों को अपनी तलाशी दी और इसके बाद आवास से बाहर निकली। फिलहाल पूरे मामले में आगे की जांच जारी है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को ही खगड़िया में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीआरडीए परिसर स्थित अभियंत्रण संगठन कार्यालय में तैनात प्रमंडलीय लेखा अधिकारी शिशिर कुमार राम को 18 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसी मामले की कड़ी के रूप में सहरसा में यह छापेमारी की गई। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई की चर्चा देर रात तक सहरसा शहर में बनी रही।