सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जदिया थाना इलाके से निगरानी विभाग की टीम ने एक कानूनगो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी बुधवार की दोपहर गुड़िया पंचायत सरकार भवन से की गई है। बुधवार की दोपहर गुड़िया पंचायत सरकार भवन में कानूनगो विकास कुमार जमीन सर्वे से जुड़े काम के लिए 5 हजार रुपए रिश्वत ले रहा था। तभी निगरानी डीएसपी सुजीत कुमार सागर के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
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पटना से आए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी सुजीत कुमार सागर ने बताया कि कानूनगो विकास कुमार त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र के महेशुआ निवासी अनुपम कुमार से सर्वे में जमीन रकवा से संबंधित कार्य के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। जिसकी शिकायत निगरानी विभाग से की गई थी। इसी शिकायत के आलोक में निगरानी की टीम सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पहुंची थी। गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया गया और इसी के तहत बुधवार को त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र के गुड़िया पंचायत सरकार भवन में कानूनगो विकास कुमार की डिमांड पूरी करने के लिए शिकायतकर्ता अनुपम कुमार भी पहुंचे। विकास रिश्वत के पांच हजार रुपए ले रहा था। तभी जाल बिछाए निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इधर, निगरानी टीम में शामिल समीर चंद्र झा ने बताया कि गिरफ्तार कानूनगो के विरुद्ध कांड संख्या 12/25 दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
*कानूनगो ने की थी 10 हजार रुपए की डिमांड, 5 हजार में बनी थी बात*
वही मामले को लेकर परिवादी अनुपम कुमार ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में सर्वे का काम चल रहा है। दो-तीन साल पूर्व जब प्लॉट पर वेरिफिकेशन के लिए अमीन गए हुए थे तो वहीं से दिक्कत शुरू हो गई। हाल के दिनों में सर्वेयर ने घूस नहीं देने के कारण मेरे पिता द्वारा खरीदी गई जमीन का रकवा कम करके भेज दिया। उसी को ठीक कराने के लिए कानूनगो विकास कुमार के पास गया तो उन्होंने 10 हजार रुपए रिश्वत मांगा था। जबकि वेरिफिकेशन के लिए जब वह जमीन पर गए थे तो उन्हें भी मेरे द्वारा बताए गए सभी बात धरातल पर सत्य मिले। इसके बावजूद उनके द्वारा रिश्वत मांगी गई थी।काफी मान-मनव्वल के बाद 5 हजार रुपए रिश्वत देने की बात पर काम करने के लिए कानूनगो तैयार हुए थे, जिसकी शिकायत मैंने निगरानी से की थी।
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