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Bihar: जेल में बंद कैदी की मौत पर भारी बवाल, परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप; अस्पताल में पुलिस से भिड़े लोग

Tue, 09 Jun 2026 02:58 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा

सार

मधेपुरा मंडल कारा में बंद 27 वर्षीय विचाराधीन कैदी दीपक कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने जेल में मारपीट का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की जांच जारी है।

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सदर अस्पताल में हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस कैदी की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मधेपुरा मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने जेल के अंदर कैदी के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मृतक की पहचान मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र के भीरखी वार्ड-24 निवासी रंजन पासवान के 27 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार के रूप में हुई है। वह एक मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में मंडल कारा में बंद था।
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दीपक की तबियत बिगड़ने की मिली थी सूचना
मंगलवार सुबह जेल प्रशासन ने परिजनों को दीपक की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद परिजन जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें दीपक की मौत की जानकारी मिली। मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। बाद में जब शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया, तो आक्रोशित परिजनों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। कुछ देर के लिए पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। मौके पर सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

समय रहते नहीं दी गई तबियत खराब होने की जानकारी
अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। परिजनों का आरोप है कि दीपक के साथ जेल के अंदर मारपीट की गई थी और उसकी तबियत खराब होने की जानकारी समय रहते नहीं दी गई। उनका कहना है कि मौत के बाद ही उन्हें फोन कर सूचना दी गई। हालांकि जेल प्रशासन की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। परिवार के अनुसार, दीपक सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह दो भाइयों और चार बहनों में सबसे छोटा था। उसके परिवार में पत्नी रौशनी कुमारी, दो बेटे और एक बेटी हैं। उसकी पत्नी वर्तमान में गर्भवती है। दीपक की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
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मामले की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल मौत के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने बताया कि सोमवार को दिन में कैदी के पेट में दर्द हुआ था। जेल के डॉक्टर ने दवा दी तो वह ठीक हो गया। रात में सभी कैदी के साथ खाना खाकर सो गया था। देर रात करीब 1.30 बजे फिर उसके पेट में दर्द शुरू हो गया। इसके बाद उसे जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई। जेल के अंदर कैदी के साथ मारपीट का आरोप पूरी तरह से गलत है।
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