अस्पताल का निरीक्षण करते कोसी कमिश्नर
बिहार के सहरसा मॉडल सदर अस्पताल में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कोशी प्रमंडल के कमिश्नर राजेश कुमार बिना किसी लाव-लश्कर और काफिले के, एक आम नागरिक की तरह पैदल ही अस्पताल पहुंच गए। कमिश्नर को अचानक अस्पताल परिसर में घूमते देख स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने खुद जमीनी हकीकत परखने का यह फैसला किया था।
वार्डों से गायब मिले डॉक्टर और कर्मचारी
सुबह करीब 9:30 बजे अस्पताल पहुंचे कमिश्नर ने विभिन्न वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की लचर व्यवस्था की पोल खुल गई। निरीक्षण के वक्त कई वार्डों में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इतना ही नहीं, दवा काउंटर पर भी कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। कमिश्नर ने अस्पताल की साफ-सफाई का भी जायजा लिया। सामान्य वार्डों में तो सफाई ठीक-ठाक मिली, लेकिन इमरजेंसी वार्ड में गंदगी और सफाई का अभाव पाया गया, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
देर से शुरू होता है काम
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने मरीजों से भी सीधा संवाद किया और उनकी परेशानियां सुनीं। उन्हें पता चला कि अस्पताल में कामकाज काफी देरी से शुरू होता है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कमिश्नर ने आदेश दिया कि अस्पताल की तमाम सेवाएं, जिनमें ब्लड टेस्ट और अन्य जांच शामिल हैं, हर हाल में सुबह 8:00 बजे से शुरू कर दी जाएं। इसके साथ ही निर्धारित समय पर डॉक्टरों की ओपीडी और वार्ड में मौजूदगी सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई।
सुपरवाइजर पर गाज गिरनी तय
अस्पताल में भर्ती मरीजों को 'जीविका' के माध्यम से दी जाने वाली चाय भी नहीं मिली थी। जब कमिश्नर ने इसके बारे में पूछताछ की तो पता चला कि जीविका सुपरवाइजर भी मौके पर मौजूद नहीं था। इस घोर लापरवाही पर कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से जीविका सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है।
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सुरक्षा गार्ड रोज करेंगे परेड
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए भी कमिश्नर ने नए निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात सभी सुरक्षा गार्डों की हर दिन गिनती होनी चाहिए। कौन सा गार्ड अस्पताल के किस हिस्से में तैनात किया गया है, इसे स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए। इसके अलावा, अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी सुरक्षा गार्डों को हर रोज अनिवार्य रूप से परेड करने का भी निर्देश दिया गया है।