मधेपुरा जिले के कुमारखंड थाना क्षेत्र में 13 मार्च को संपत्ति विवाद के चलते एक बेटे ने अपने ही पिता की सुपारी किलर से हत्या करवा दी। मृतक बुद्धू यादव के इकलौते बेटे सुकेश कुमार और उसके ससुराल पक्ष ने इस वारदात को अंजाम दिलाने के लिए 60 हजार रुपए में बदमाशों को सुपारी दी थी। पुलिस ने इस घटना खुलासा करते हुए 24 घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बाजार से लौटने के दौरान गला रेत कर की थी हत्या
घटना गुरुवार की शाम सुखासन वार्ड दो में हुई थी। जहां रानीपट्टी जाने वाली सड़क के मोड़ से करीब 30 मीटर दूर स्थित रामाधीन यादव के बांसबाड़ी में मृतक का शव बरामद हुआ था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। 14 मार्च को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी संदीप सिंह के निर्देश पर एएसपी प्रवेंद्र भारती के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी सहायता और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर हत्या में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बेटी की शादी के लिए जमीन बेचने का चल रहा था विवाद
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में बेलारी थाना क्षेत्र के रानीपट्टी निवासी सुकेश कुमार, उसकी पत्नी काजल देवी, सौरव कुमार, विपिन यादव और भवानीपुर निवासी सौरव कुमार व सकलदेव कुमार शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की दोनों पुत्रियां अविवाहित थीं और परिवार पर उनकी शादी को लेकर आर्थिक दबाव था। बड़ी बेटी की शादी के लिए पैसों की जरूरत थी, जिसके कारण बुद्धू यादव अपनी जमीन बेचना चाहता था। इस बात को लेकर बेटे सुकेश कुमार और उसके ससुराल पक्ष के लोगों में नाराजगी थी। संपत्ति बेचे जाने से रोकने के लिए सुकेश कुमार और उसके रिश्तेदारों ने 60 हजार रुपये में सुपारी देकर बुद्धू यादव की हत्या करवा दी।
तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
हत्या की साजिश के तहत सुपारी किलर ने 13 मार्च को शाम में बाजार से लौटने के दौरान सुनियोजित तरीके से बुद्धू यादव को निशाना बनाया और उसे धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक हीरो स्प्लेंडर बाइक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त थे या नहीं।
पुलिस गिरफ्त में सभी आरोपी