शहीद जवान संजीव कुमार भंडारी
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ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
भारतीय सेना के जवान प्रमोद कुमार के अनुसार, संजीव की तैनाती हिमाचल प्रदेश के चीन बॉर्डर के पास समदु पहाड़ पर थी। ड्यूटी के दौरान उनका पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरने से हादसा हुआ। सेना ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
जवान संजीव भंडारी की शहादत पर गमगीन हुए परिजन
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गांव में शोक और गर्व का माहौल
26 वर्षीय संजीव 2018 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता विजय भंडारी गृह रक्षक वाहिनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बेटे की शहादत पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। मां राम देवी और पत्नी मधु का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि संजीव भंडारी ने देश की सेवा में अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनकी शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।
सरकारी सम्मान और श्रद्धांजलि
संजीव भंडारी को कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। परिवार और ग्रामीणों ने सरकार से शहीद के सम्मान में स्कूल और अस्पताल का नामकरण करने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता देने की अपील भी की।