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Bihar police : खुलेआम वसूली करने वाली महिला दारोगा ने युवक को दिखाया वर्दी का रौब, अब कार्रवाई की हो रही मांग

Sun, 16 Mar 2025 09:40 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bihar News : महिला दारोगा सड़क पर पशु लदे वाहन को रोकवा कर अवैध 
वसूली कर रही थी। उसे रुपया लेते देख एक लड़का कुछ कहते हुए आगे बढ़ गया। फिर महिला दारोगा ने उस लड़के को खदेड़कर पकड़ लिया और फिर अपने वर्दी की हनक दिखाने लगी।
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पीड़ित किशोर के दादा ने की लिखित शिकायत।
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विस्तार
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सुपौल जिले के जदिया थाने में पदस्थापित एक दारोगा को घूसखोर कहना एक किशोर को भारी पड़ गया। दारोगा ने किशोर से न केवल सरेआम बदसलूकी की, बल्कि थाने के एक कमरे में बंद कर दिया। इसको लेकर पीड़ित पक्ष ने सुपौल एसपी सहित सहरसा डीआईजी से शिकायत की है। पीड़ित किशोर के दादा जदिया बाजार वार्ड 03 निवासी श्रवण कुमार अग्रवाल ने अपने आवेदन में कहा है कि उनका 17 वर्षीय पोता एक अन्य स्टाफ के साथ 13 मार्च को कोरियापट्टी स्थित एसबीआई शाखा में राशि जमा करने गया था। इस दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे वापस लौटने के क्रम में एसएच 91 पर कोरियापट्टी पूरब पंचायत भवन के समीप पुलिस की गश्ती टीम मौजूद थी। यहां मौजूद पुलिस अवर निरीक्षक रिंकी कुमारी एक बकरा लदे पिकअप से 500 रुपए वसूल रही थी। यह देख किशोर ने स्टाफ से कहा कि देखो पुलिस कैसे घूसखोरी कर रही है। यह कह कर वह आगे बढ़ने लगा। लेकिन एसआई रिंकी कुमारी ने यह बात सुन ली और गाड़ी से खदेड़ कर जदिया थाना के समीप स्थित हीरो शोरूम के समीप ओवरटेक कर रोक दिया। इसके बाद पहले दारोगा ने किशोर की पिटाई की। इसके बाद भी जब दिल नहीं भरा तो थाने के सीरिस्ता कमरे में उसे बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर श्रवण थाने पहुंचे तो दारोगा ने उनके साथ भी बदसलूकी की।

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प्रभारी थानेदार ने हस्तक्षेप कर किशोर 
पीड़ित श्रवण कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रभारी थानाध्यक्ष सद्दाम हुसैन ने बीच बचाव किया। इसके बाद मामले को तत्काल सुलझाया गया और सीरिस्ता में बंद दोनों लोगों को छोड़ दिया गया। उन्होंने सरेराह दारोगा द्वारा की गई बदसलूकी का एक सीसीटीवी फुटेज भी अधिकारियों को उपलब्ध कराया है। पीड़ित श्रवण कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि दारोगा रिंकी कुमारी के द्वारा की गई यह कोई पहली घटना नहीं है। ऐसे कई मामले हैं, जिसमें उनके द्वारा कई निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर थाना लाया जाता है और पैसा लेने के बाद छोड़ दिया जाता है। उन्होंने थाने के सीसीटीवी की जांच कराने तथा ऐसे पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

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