ठंडाई में मिलाया जाता है भांग
वहीं कुछ जगहों पर लोग ठंडाई भी तैयार करते हैं। जो बादाम, सौंफ, नारियल, काजू और कई तरह के मसालों से बनी एक खास पारंपरिक ड्रिंक होती है। जिसमें सीमित मात्रा में भांग मिलाने की परंपरा भी कई परिवारों में देखी जाती है। स्वादिष्ट पकवानों के साथ जब परिवार और दोस्त एक साथ बैठते हैं तो त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है। बिहार में होलिका दहन और धुड़खेल के दिन अधिकांश लोग मांसाहार से परहेज करते हैं। लेकिन होली के दिन मटन और चिकन की डिमांड अचानक से बढ़ जाती है। जिससे बाजार में मांसाहार की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिलता है। इस दिन लोग विशेष रूप से मसालेदार मटन और चिकन बनाकर परिवार और दोस्तों के साथ दावत का आनंद लेते हैं।
कई जिलों में शनिवार को मनाई जाएगी होली
बिहार के कुछ जिलों में आज होली का पर्व मनाया जा रहा है, वहीं कुछ जगहों पर कल यानी शनिवार को भी होली का पर्व मनाया जाएगा। लोग पहले अबीर-गुलाल से खेलते हैं और फिर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाकर त्योहार की खुशियों को दोगुना कर देते हैं। ऐसे में यह पर्व केवल एक दिन का नहीं, बल्कि रंग, स्वाद और परंपरा का अनोखा संगम बन जाता है। मालपुआ दूध, मैदा और चीनी से तैयार किया जाता है। इसे सरसों तेल या घी में तलकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है। दही-बड़ा उड़द और मूंग दाल से तैयार किया जाता है। इसे मसालेदार दही और मीठी-खट्टी चटनी के साथ परोसा जाता है, जिससे मिठास और नमकीन स्वाद का बेहतरीन मेल बनता है।