Bihar : राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के वोटर अधिकार यात्रा के पहले ही प्रशासन ने बैनर पोस्टर हटाना शुरु कर दिया, जिसके बाद राजनीति गरमा गई है। विपक्ष इसे पक्षपात पूर्ण बता रही है, जबकि इस मामले में प्रशासन की दलील कुछ और है।
वोटर अधिकार यात्रा के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 26 अगस्त को सुपौल में होंगे। राहुल की इस यात्रा के मद्देनजर कांग्रेस सहित महागठबंधन के तमाम दलों की ओर से शहर में जगह-जगह बैनर-पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए, लेकिन गुरुवार की शाम से ही प्रशासन उन बैनर-पोस्टर और होर्डिंग को हटाना शुरु कर दिया। इसके बाद जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दल जहां इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बता रहे हैं, वही प्रशासन ने इसे राजस्व क्षति रोकने वाली कार्रवाई बताया है।
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नगर परिषद की है यह दलील
दरअसल, सुपौल नगर परिषद द्वारा गुरुवार की शाम कलेक्ट्रेट गेट सहित अन्य स्थानों से होर्डिंग हटाना शुरु कर दिया, जो शुक्रवार को भी जारी रहा। होर्डिंग हटाने के पीछे नगर परिषद की दलील थी कि पार्टी द्वारा होर्डिंग शुल्क जमा किए बगैर होर्डिंग लगाया जा रहा था। इसको लेकर यह कार्रवाई की गई है, लेकिन इस कार्रवाई को देखते हुए विपक्षी दल पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस सहित महागठबंधन दलों ने नगर परिषद के इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसका विरोध शुरु कर दिया।
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नप के कार्यपालक पदाधिकारी ने कही यह बात
मामले को तूल पकड़ता देख सुपौल नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी देवर्षि रंजन ने कहा कि होर्डिंग टैक्स वसूलने वाले संवेदक ने शिकायत की थी कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर शहर भर में टंग रहे होर्डिंग का शुल्क जमा नहीं किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर नगर परिषद द्वारा पार्टी के स्थानीय नेताओं से इसकी शिकायत भी की गई। उनसे कई बार राजस्व की क्षति का हवाला देकर पैसे जमा करने की अपील की गई। उन्हें नगर परिषद कार्यालय बुलाकर भी इसपर चर्चा की गई, लेकिन उनके द्वारा सिर्फ 10 हजार रुपए जमा किए गए। उनका कहना है कि टांगे गए पोस्टर का शुल्क 50 हजार से अधिक है। शेष राशि की मांग करने पर उनलोगों द्वारा अब कोई राशि नहीं देने की बात कही है। इसके बाद मजबूरन नगर परिषद को यह कदम उठाना पड़ा। कार्यपालक पदाधिकारी देवर्षि रंजन ने कहा कि नगर परिषद के कर्मी कलेक्ट्रेट गेट के समीप से पोस्टर हटाने के बाद जब गौरवगढ़ की ओर पोस्टर हटाने के लिए बढ़ रहे थे तो वहां नगर परिषद के कर्मियों को वहां घेराव करने का प्रयास किया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर भी इसको राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी वजह से फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई है।
राजद ने राजनीतिक पक्षपात का लगाया आरोप
इधर, घटनाक्रम को लेकर युवा राजद जिलाध्यक्ष अनोज कुमार आर्य ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि 26 अगस्त को प्रस्तावित राहुल गांधी और तेजस्वी प्रसाद यादव की यात्रा को लेकर कांग्रेस व राजद सहित तमाम महागठबंधन के कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं। इसी उत्साह में कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के अभिनंदन के बैनर-पोस्टर लगाए। लेकिन प्रशासन ने सत्ताधारी दल के दवाब में राजनीतिक पक्षपात करते हुए पोस्टरों को हटवा दिया है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादा पर भी हमला है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।