एनएच जाम करते परिजनों को समझाते पुलिस पदाधिकारी
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सहरसा जिले के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़रिया पंचायत में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मैना गांव में टीकाकरण के कुछ ही घंटों बाद चार महीने के एक शिशु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को एनएच-107 को जाम कर जमकर हंगामा किया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, मैना गांव निवासी रमेश सादा के 4 महीने के पुत्र दिव्यांशु कुमार को बुधवार शाम करीब 3 बजे आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 178 पर टीका लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि टीकाकरण के बाद घर लौटते ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत में सुधार नहीं हुआ और देर रात बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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एएनएम पर गलत सुई लगाने का आरोप
मासूम की मौत से गुस्साए परिजनों ने एएनएम पर लापरवाही बरतने और गलत सुई (इंजेक्शन) लगाने का गंभीर आरोप लगाया। गुरुवार को ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर मैना स्थित एनएच-107 को पूरी तरह बाधित कर दिया। वे आरोपी एएनएम पर कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। सड़क जाम के कारण करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने शांत कराया मामला
सड़क जाम की सूचना मिलते ही काशनगर थानाध्यक्ष बजरंगी कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। मामले की जांच जारी है।