बिहार में एक महिला को हत्या के इल्जाम में डेढ़ साल जेल में काटने के बाद पता चला की जिसकी हत्या हुई वह खुद नेपाल की जेल में कैद है।
पूर्व चंपारण के धबधबा जिले में 48 वर्षीय गिरिजा देवी पर अपने ही गांव के एक व्यक्ति को मारने का आरोप लगा था। उसके बाद उन्हें डेढ़ साल की सजा हो गई।
अब यह जानकारी मिली की बुलन शाह नाम के जिस व्यक्ति की हत्या करने का मामला था वह ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में नेपाल की जेल में बंद है।
बिहार मानवाधिकार आयोग ने पूर्व चंपारण पुलिस अधीक्षक (एसपी) से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एसपी ने नेपाली अधिकारियों से पत्र द्वारा बुलन शाह के काठमांडु ड्रग्स तस्करी मामले में जेल में बंद होने की जानकारी मांगी है।
पुलिस के अनुसार शुरूआती जांच में पता चला है कि गिरीजा देवी निर्दोष हैं और शाह के काठमांडु जेल में बंद होने की सूचना है।
हालांकि अभी बुलन के काठमांडु जेल में बंद होने की नेपाली अधिकारियों से पुष्टि होनी बाकी है, लेकिन गांव वालों की ओर से दिए गए दस्तावेजों से बुलन के परिवार के झूठ बोलने की संभावना दिखती है।
शव को समझा था बुलन
मामला साल 2012 का है तब एक शव को बुलन शाह समझकर उनके परिवार ने गिरीजा देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद महिला को सजा हो गई।
गांव वालों का समूह काठमांडु गया था जहां उसके जेल में बंद होने की जानकारी मिली। हालांकि बुलन शाह ने वहां अपना नाम बदल लिया है लेकिन गांव वालों ने जो फोटो ली वह बुलन शाह से मिलती है।
महिला के निर्दोष साबित होने की स्थिति में उसकी जमानत सुरक्षित रखकर गई है और आगे जांच की जा रही है।