ढाई घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
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कैमूर (भभुआ) में बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। पंडित दीनदयाल उपाध्यायस् स्टेशन के ओर से आने वाली जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन 13152 रेड सिग्नल के बावजूद रिवर्सिबल लाइन में चली गई। इतना ही नहीं ट्रेन इसी लाइन पर 2 किमी तक दौड़ती भी रही। गनीमत थी कि इस लाइन में और कोई ट्रेन नहीं आ रही थी, नहीं तो बालासोर जैसा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद हड़कंप मच गया। रेल यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना है कि अगर अगर ट्रैक खाली नहीं रहता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
डीआरएम ने जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम का गठन किया
इसके बाद फौरन रेलवे के डीआरएम समेत कई अधिकार भभुआ रोड स्टेशन पहुंचे। रेलवे की टीम ने यात्रियों को समझा-बुझाकर शांत करवाया। करीब ढाई घंटे तक जांच के बाद लोको पायलट बदला गया। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। इधर, डीआरएम द्वारा 5 सदस्यीय टीम का गठन किया गया जो पूरे मामले की जांच कर रही है।
लोको पायलट ने ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोक लिया
रेलवे के अनुसार, यह घटना रविवार की सुबह की है जब 13152 डाउन कोलकाता एक्सप्रेस भभुआ रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर रुकना था लेकिन इस दौरान लाल सिग्नल होने के बावजूद ट्रेन डाउन लाइन में न जाकर रिवर्सिबल लाइन में ही आगे बढ़ गई। मामले की जांच करने भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे डीआरएम राजेश गुप्ता ने कहा कि गठित किए गए टीम के द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रहा है। रिवर्सिबल लाइन उस समय खाली थी। लोको पायलट ने ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोक लिया। ढाई घंटे ट्रेन इस कारण से रुकी रही।
हादसे में 293 लोगों की मौत हो गई थी
दो जून को बालासोर जिले के बहनागा बाजार स्टेशन पर कोरोमंडल एक्सप्रेस एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी और इसके कुछ डिब्बे पटरी से उतरे और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से टकरा गए थे। इसमें 293 लोगों की मौत हो गई थी और 1200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।