जदयू की इफ्तार पार्टी।
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मांझी बोले- वह नहीं आकर समाज में गलत मैसेज दे रहे
भाजपा नेताओं के इफ्तार पार्टी में शामिल नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि दावते इफ्तार में जो नहीं आए तो यह उनकी गलती है। वे नहीं आकर समजा में गलत मैसेज देना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि समाज में बंटवारा हो। समाज में दूसरे ढंग की राजनीति हो, यह न बिहार के लिए और न ही देश फायदेमंद होगा। फायदेमंद यही रहता कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाकर सभी लोग भाईचारा बनाकर आगे बढ़ते और राज्य का विकास करते।
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा- आप नवरात्रि में क्यों नहीं भोज करते हैं
इधर, इफ्तार पार्टी के बाद बिहार में सियासत भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि हमने पहले भी कहा कि इस धरती पर सबके सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। इस तुष्टिकरण की राजनीति हमारे राष्ट्र को कमजोर कर देगा। उन्होंने नीतीश कुमार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया। कहा कि आप इफ्तार करते हैं इसपर मुझे आपत्ति नहीं है लेकिन हिन्दु धर्म में नवरात्रि होती है, कई लोग उपवास रखते हैं। इसपर क्यों नहीं भोज और प्रसाद का वितरण होता है। समान भाव क्यों नहीं है? बहुसंख्यकों को नाराज करके आप सत्ता के लिए समाज के अंदर नफरत पैदा करेंगे। यह गलत है। आप झूठे मुकदमों में लोगों को फंसा रहे हैं। नालंदा और सासाराम की घटना की न्यायिक जांच हो। आप इफ्तार पार्टी के माध्यम से वोट की राजनीति करने हैं। क्या आपको आपके धर्म और सांस्कृतिक पर गर्व करने लज्जा आती है। बिहार की जनता सब देख रही है।
9 अप्रैल को राजद की इफ्तार पार्टी
इधर, 9 अप्रैल यानी रविवार को RJD दावत-ए-इफ्तार का आयोजन करेगी। पहले यह कार्यक्रम 13 अप्रैल को तय किया गया था लेकिन बाद में
9 अप्रैल को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास 10 सर्कुलर रोड पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन करने की बात तय हुई। इस बार के इफ्तार पार्टी में भी राजद सुप्रीमो मौजूद नहीं रहेंगे। स्वास्थ्य कारणों से वह दिल्ली में ही मौजूद रहेंगे। लालू प्रसाद के नहीं आने से उनके समर्थकों को निराशा है।