विख्यात लिखें या कुख्यात लिखें...बिहार में काम कर रहे IAS अधिकारी के. के. पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार बिहारियों को दमभर गाली देकर। वह पैदल चलने वाले बिहारियों को भी गाली दे रहे हैं और गाड़ी चलाने वालों को भी। किसी को भी नहीं छोड़ रहे। बिहार सरकार के उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सभागार में अधिकारियों की मीटिंग के दौरान एक डिप्टी कलेक्टर पर गुस्सा उतारने के चक्कर में वह गालियां दे रहे थे। मीटिंग का यह वीडियो वायरल है। राज्य के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि वीडियो की जानकारी मिली है और ऑफिस पहुंचकर इसकी जांच की प्रक्रिया करेंगे।
गालियां लिख नहीं सकते, इसलिए …
बिहार सरकार में निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव और बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (BIPARD) के महानिदेशक के. के. पाठक ने इस मीटिंग में जो कहा, उसमें कई ऐसे शब्द 'अमर उजाला’ लिख नहीं सकता। ऐसे शब्दों को तीन डॉट्स के रूप में छोड़ दिया गया है। सामने आए वीडियो में पाठक कह रहे हैं-
...डिप्टी कलेक्टर का मां-बहन एक कर दो। साला बिहार एडमिनिस्ट्रेशन! यहां का लोग आदमी ऐसा है। चेन्नई में आदमी
... बाएं से चलता है, यहां देखे हो किसी को बाएं से चलते? लाल लाइट में हॉर्न बजाते देखे हो चेन्नई में किसी को? यहां
... ट्रैफिक में खड़ा होकर पेंपेंपेंपें हॉर्न बजाएगा! देखे नहीं हो क्या तुमलोग बेली रोड पे?
... लाल लाइट भी है और पेंपें भी करेगा।
... यहां का आदमी आज भी है! यहां डिप्टी कलेक्टर
... का ये हाल है। अब मैं
... की मैं, अरे दो-चार लोग लिखकर तो दो
... डिप्टी कलेक्टर
... इनकी ऐसी-तैसी करता हूं। कल जरा भेजो उसको।
बासा के अधिकारी पाठक की बर्खास्तगी के लिए अड़े
पिछले दिनों एक मीटिंग के दौरान के पाठक के इस गुस्से की वजह बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (BASA) की एक शिकायत बताई जा रही है। बासा के अधिकारियों ने मुख्य सचिव से बिपार्ड की ट्रेनिंग में की जा रही नाजायज सख्ती को लेकर मुख्य सचिव को शिकायत की थी। बताया जा रहा है कि उसी के बाद 9 दिसंबर को मीटिंग के दौरान पाठक ने अपशब्द कहे थे। तारीख को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है, हालांकि वीडियो की पुष्टि बासा के अधिकारी भी कर रहे हैं। बासा के अधिकारियों ने वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बिपार्ड के डीजी से ट्रेनिंग में नरमी बरतने की अपील की गई थी। यह उन्होंने दिल पर ले लिया। इस मांग के कारण ही उन्होंने निबंधन विभाग का भी प्रभार रहने के कारण हमारे संगठन का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया। डीजी बिपार्ड का वीडियो दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। इस वीडियो में हमारे लोगों को गाली दे रहे हैं। मां-बहन कर रहे हैं। मानसिक रूप से विक्षिप्त ऐसे पदाधिकारी को सेवा में रहने का अधिकार नहीं है। सरकार से मांग है कि अविलंब कार्रवाई करे, बर्खास्त करे। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तत्काल देखें। हम इसके खिलाफ जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरेंगे।