विश्व संवाद केंद्र में होली मिलन समरोह।
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प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करें
वहीं विश्व संवाद केंद्र की ओर आम लोगों से अपील करते हुए कहा गया कि होली का पर्व रंगों और उमंग का प्रतीक है, लेकिन बाजार में मिलने वाले रासायनिक रंग त्वचा और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करके इस होली को सुरक्षित बनाएं। इन प्राकृतिक रंगों से पर्यावरण में रासायनिक प्रदूषण नहीं होता, जिससे जल और मृदा प्रदूषण में कमी आती है। समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद, क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेश कुमार पाण्डेय, प्रांत प्रचारक उमेश प्रसाद, प्रांत प्रचार प्रमुख अभिषेक कुमार, विश्व संवाद केंद्र के सचिव डॉ. संजीव चौरसिया, वरिष्ठ पत्रकार मणिकांत ठाकुर, प्रियरंजन भारती, लव कुमार मिश्र, एसएन श्याम, मृत्युंजय मानी, जयशंकर बिहारी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।