जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार और राजद नेता मृत्युजंय तिवारी
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JDU के मुख्य प्रवक्ता बोले- धर्मगुरुओं का काम यह नहीं है
नीरज कुमार कहा कि कर्नाटक में इनका प्रभाव क्यों नहीं फैला, उन्हें यह बताना चाहिए। ऐसा लग रहा है कि कर्नाटक में लोगों ने इनका आशीर्वाद ठीक से नहीं लिया। धर्मगुरुओं का काम यह नहीं है। उन्हें स्वामी विवेकानंद के बारे में पढ़ लेना चाहिए। स्वामी विवेकानंद देश के आइकोन माने जाते हैं। अच्छा रहेगा उनके लिए। ऐसे विषय पर देश के संविधान को अधिकार दिया गया। धर्म गुरुओं को ऐसे विषयों पर बोलने का अधिकार नहीं है। पहले संसद में जाएं फिर ऐसा बयान दें। दो-तिहाई लोंगो का पैमाना क्या होगा। सोशल मीडिया पर बोलने से नहीं होगा, इसके लिए संसद में जाना पड़ेगा।
राजद नेता ने पूछा- हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए क्या देश का संविधान ही बदल देंगे
इधर, राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार महात्मा बुद्ध की जन्मस्थली और महात्मा गांधी की कर्मस्थली रही है। जनता खुद को भगवान का दूत बताने वाले लोगों को ऐसा एजेंडा नहीं चलाने नहीं देगी। भारत संविधान और कानून से चलने वाला राष्ट्र है। मैं उनसे पूछता हूं कि हिंदू राष्ट्र को बनाने के लिए क्या संविधान को ही बदल देंगे।