उन्होंने कहा कि मनमानी फीस लेने वाले ये कॉलेज
नीतीश कुमार की अनुमती के बिना खुलते जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की मदद मांगते हुए कहा कि जो लोग बिहार को बेहतर बनाना चाहते हैं और इस क्षेत्र से जुड़े हैं वह मदद के लिए सामने आएं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि मुझे आप लोगों की मदद चाहिए क्योंकि मैं अल्लाह मियां नहीं हूं जो सबकुछ अकेले ठीक कर लूं।
उन्होंने कहा कि बिहार की उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कुलपतियों की बैठक में कई निर्णय लिए गए हैं जिनके तहत बहुत से कार्यक्रम भी कार्यान्वित किए गए। मलिक ने कहा कि वह बस वही करेंगे जो कानून कहेगा। इसके अलावा वह किसी और की नहीं सुनेंगे। उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से बीएड में सेंट्रलाइज्ड दाखिले होंगे। इसके लिए हजारों छात्र छात्राओं की परीक्षा ली गई है। ताकि नामांकन में पारदर्शिता और नियमितता आ सके।
कमेटी के लिए सरकार के निर्देश
हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह फीस से संबंधित दिशा निर्देश तय करने के लिए शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाए। बता दें राज्य में कुल 312 बीएड कॉलेज हैं जिनमें 278 प्राइवेट हैं। जहां राज्य सरकार के कॉलेज की फीस दो वर्ष के लिए 1 लाख रुपये है। वहीं प्राइवेट कॉलेज इसके लिए 1.20 लाख रुपये से लेकर 1.80 लाख रुपये तक ले रहे हैं।